दोहरे हत्या कांड का दोषी कर रहा सरकारी नौकरी! शिकायत के बाद खुला बड़ा प्रशासनिक लापरवाही का मामला

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिला पंचायत राज विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही का ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोहरे हत्या कांड का आजीवन सजायाफ्ता एक आरोपी पिछले कई वर्षों से विभाग में सफाईकर्मी के पद पर नौकरी कर रहा है, और विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं थी। मामला तब प्रकाश में आया जब ग्राम पंचायत ठाकुरदेवा निवासी अवधबिहारी पांडेय ने आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से जिलाधिकारी को शिकायत भेजी।

थाना सुरौली क्षेत्र के रहने वाले रामप्रभाव उर्फ चिघारू यादव दोहरे हत्या कांड के मुख्य अभियुक्त रहे हैं। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद उन्होंने कथित रूप से दस्तावेजों और साक्ष्यों को छिपाकर वर्ष 2008–09 में सफाईकर्मी की सरकारी नौकरी हासिल कर ली। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पर हत्या, हत्या का प्रयास, गुंडा एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस रिकॉर्ड में वह हिस्ट्रीशीटर भी घोषित किया जा चुका है।

शिकायतकर्ता अवधबिहारी पांडेय का आरोप है कि प्रशासन की गंभीर लापरवाही के कारण सजायाफ्ता व्यक्ति को सरकारी नौकरी मिल गई, जबकि योग्य और जरूरतमंद युवा बेरोज़गार घूमने को मजबूर हैं। उन्होंने मांग की है कि फर्जी तरीके से प्राप्त नौकरी की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और आरोपी से अब तक का वेतन भू-राजस्व की तरह वसूल किया जाए।

मामले में सरकार से कार्रवाई की मांग

पांडेय ने प्रदेश सरकार को भेजे पत्र में लिखा है कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की विफलता का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने अनुरोध किया है कि जिस प्रकार अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र चल रहा है, उसी तरह इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर विभागीय जांच, दोषी सफाईकर्मी की तत्काल बर्खास्तगी और शासन को धोखा देने के अपराध में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की है।

अधिकारियों पर उठ रहे सवाल

जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए आख्या में दावा किया गया कि शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता हुई, जबकि पांडेय ने इसे पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि उनसे किसी अधिकारी ने कोई संपर्क नहीं किया, जिससे शक और गहरा हो गया है कि कुछ अधिकारी जानबूझकर हिस्ट्रीशीटर को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि यदि एक हत्या का दोषी सरकारी सिस्टम में नौकरी पा सकता है, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे?
इस मामले में जानकारी करने के लिय जिलापंचायत राज अधिकारी से 9415284971 पर फोन किया गया तो फोन नहीं उठा।

Editor CP pandey

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