नारी शक्ति का सम्मान: अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस का संकल्प

पुनीत मिश्र


अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस केवल एक स्मरण-दिवस नहीं, बल्कि वह चेतना है जो हमें यह सोचने पर विवश करती है कि विकसित कहलाने वाला समाज अभी भी महिलाओं के प्रति हिंसा, अन्याय और असमानता से पूर्णतः मुक्त क्यों नहीं हो पाया। यह दिन हमें आत्ममंथन का अवसर देता है कि हम किस प्रकार एक ऐसी सामाजिक संरचना तैयार कर सकते हैं जहाँ किसी भी महिला को भय, अपमान या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
भारतीय संस्कृति का मूलाधार नारी-सम्मान रहा है। इसी धरती पर शक्ति की उपासना दुर्गा के रूप में, ज्ञान की सरस्वती के रूप में और समृद्धि की लक्ष्मी के रूप में की जाती है। यह तथ्य हमारे समाज की उस आध्यात्मिक दृष्टि को दर्शाता है जिसमें नारी केवल पूजनीय ही नहीं, बल्कि सृजन, ऊर्जा और प्रतिभा की अखंड धारा के रूप में देखी जाती है।
लेकिन विडंबना यह है कि पूजनीय नारी का सम्मान वास्तविक जीवन में हमेशा सुरक्षित नहीं दिखता। इस विरोधाभास को समाप्त करना आज की सबसे बड़ी सामाजिक आवश्यकता है।
महिला हिंसा केवल शारीरिक अत्याचार तक सीमित नहीं है; यह मानसिक, आर्थिक, ऑनलाइन उत्पीड़न, कार्यस्थल पर भेदभाव और सामाजिक उपेक्षा जैसी अनेक रूपों में विद्यमान है। ऐसे में समाज के हर वर्ग, परिवार, शैक्षणिक संस्थान, मीडिया, प्रशासन और न्याय प्रणाली पर यह जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षा, सम्मान और समान अवसरों की गारंटी सुनिश्चित करें।
इस दिवस का सबसे बड़ा संदेश यही है कि हिंसा-मुक्त समाज केवल कानून से नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना से बनता है।
हर पुरुष का संवेदनशील दृष्टिकोण, हर महिला की आत्मनिर्भरता, हर परिवार में मूल्य-आधारित संस्कार, और हर नागरिक की जागरूकता मिलकर ही वह वातावरण तैयार कर सकते हैं जहाँ नारी का अस्तित्व सुरक्षित हो, उसका सम्मान सुनिश्चित हो और उसका व्यक्तित्व उन्मुक्त हो सके।
आइए, संकल्प लें कि
हम नारी के किसी भी स्वरूप पर हिंसा, अपमान या असमानता को स्वीकार नहीं करेंगे।
हम हर उस आवाज़ के साथ खड़े होंगे जो न्याय की अपेक्षा करती है।
हम ऐसी संस्कृति स्थापित करेंगे जिसमें नारी शक्ति सिर्फ पूजनीय ही नहीं, बल्कि अधिकारों से परिपूर्ण और स्वतंत्र रूप से समर्थ हो।
एक संवेदनशील, समान और सुरक्षित समाज, यही इस दिवस का वास्तविक उद्देश्य है और यही हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए।

rkpNavneet Mishra

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