Tuesday, March 17, 2026
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जिम्मेदारों की उदासीनता से विद्यालय के कमरे में धूल फांक रही नई सत्र की किताबें

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।नौतनवां ब्लाक क्षेत्र के रतनपुर स्थित बीआरसी परिसर में मौजूद विद्यालय के भवन में जिम्मेदारों के उदासीनता के कारण परिषदीय स्कूलों की किताबें फर्श पर धूल फांक रही है, लेकिन अबतक किताबों को विद्यालय के बच्चों को अध्ययन हेतु बच्चों को मुहैया नहीं कराई गई।
शासन द्वारा परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे नौनिहालों का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए ड्रेस,बैग, सूज, स्वेटर, किताब, एमडीएम फल, दूध समेत अन्य तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं ताकि गरीब लोगों के पाल्य भी उच्च स्तर की शिक्षा ग्रहण कर सकें। परंतु जिम्मेदारों के घोर लापरवाही के कारण शासन की मंशा पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
बताते चलें कि अप्रैल माह से नये शैक्षिक सत्र की शुरुआत होती है, जिसके बाद शासन विद्यालय के बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने की कवायद शुरू कर देता है। ताकि बच्चे नये किताबों से पढ़ाई कर सकें लेकिन रतनपुर बीआरसी पर रविवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया जहां परिसर में मौजूद एक विद्यालय में परिषदीय विद्यालय के बच्चों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई किताबें जीर्ण -शीर्ण अवस्था में फर्श पर धूल मिट्टी फांकती नजर आईं। वही नये शैक्षिक सत्र को पांच माह से अधिक बीत जाने के बाद भी नई किताब अभी तक विद्यालय को मुहैया नहीं कराई जा सकीं, जिससे शिक्षक आधी अधूरी किताबों से बच्चों को अधूरा शिक्षा देने को मजबूर हैं। बीआरसी परिसर के एक भवन में देखा गया कि कक्षा एक की आनंद मय गणित, कक्षा दो की मैरीडैग टेस्ट बुक, कक्षा एक की सारंगी बुक तथा कक्षा दो की शहनाई बुक आदि हजारों की संख्या में फर्श पर धूल फांक रही है। कुछ किताबों में तो दीमक तक लग गये है। लेकिन यह किताब बच्चों को उपलब्ध कराया जाना संबंधित जिम्मेदार उचित नहीं समझे। विचारणीय है कि परिषदीय विद्यालयों के लिए सरकारें पैसा पानी की तरह बहा रहीं हैं। गरीब अमीर का अंतर खत्म कर सभी को एक समान शिक्षा का अधिकार दे दिया है। परंतु शिक्षा विभाग के लापरवाह अधिकारी और कर्मचारी शासन के नीति को धराशाही करने पर आमदा है जिससे बच्चों को आधे अधूरे किताबों से शिक्षकों से अधूरा शिक्षा ग्रहण करना पड़ रहा है।
इस सन्दर्भ में जानकारी हेतु बीईओ नौतनवां चन्द्र भूषण पाण्डेय को फोन किया गया परन्तु उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
वही उक्त मामले मे जानकारी हेतु बीएसए महराजगंज श्रवण कुमार गुप्ता से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताते रहा।

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