
आत्मनिर्भरता और जनकल्याण को देंगे नई गति -श्री केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा) खेल सामग्री के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने, विनिर्माण क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने, ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने तथा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से राहत देने के लिए केंद्र सरकार के फैसलों को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ये निर्णय आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती देने के साथ देश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेंगे।मौर्य ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1,856.67 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ को मंजूरी दी है। इससे खेल सामग्री के घरेलू उत्पादन, अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारतीय निर्माताओं की क्षमता बढ़ेगी और देश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।उन्होंने बताया कि 10,000 करोड़ रुपये की ‘कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना’ से देश में कंटेनर निर्माण की क्षमता का विस्तार होगा। इससे घरेलू उद्योग को मजबूती मिलने के साथ निवेश, तकनीकी विकास और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भागीदारी मजबूत करने की दिशा में भी यह योजना महत्वपूर्ण साबित होगी।उप मुख्यमंत्री ने 7,395.55 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली ‘प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना’ को ग्रामीण भारत के सशक्तीकरण की दिशा में अहम पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे ग्राम पंचायतों की क्षमता बढ़ाने, सुशासन को प्रोत्साहित करने और गांवों के समग्र एवं सतत विकास को गति देने में मदद मिलेगी।मौर्य ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) एवं महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत वृद्धि को भी मंजूरी दी है। एक जुलाई, 2026 से प्रभावी इस निर्णय से लगभग 48.54 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.71 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त आर्थिक राहत प्रदान करेगा।उप मुख्यमंत्री ने इन निर्णयों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार विकास, रोजगार, नवाचार और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रही है।
