यूपी MLC चुनाव में घमासान! भाजपा ने 4 सीटें जीतीं, आगरा में मारपीट से हंगामा; गोरखपुर में धांधली के आरोप, लखनऊ में सपा आगे

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की मतगणना के बीच सियासी पारा चढ़ गया है। कहीं जीत के जश्न की तैयारी है तो कहीं मतगणना में गड़बड़ी के आरोपों ने माहौल गरमा दिया है। आगरा में भाजपा और सपा प्रत्याशियों के बीच कथित मारपीट के बाद दोनों पक्षों के प्रत्याशी फटे कुर्ते में बाहर निकले और धरने पर बैठ गए। वहीं, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर मतगणना को लेकर विवाद गहरा गया। समाजवादी पार्टी ने धांधली का आरोप लगाकर मतगणना के बहिष्कार का ऐलान किया, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी ने भी अपने वोटों में हेराफेरी का आरोप लगाया है। विधान परिषद चुनाव के इन नतीजों को प्रदेश की राजनीति में अहम माना जा रहा है। उपलब्ध मतगणना अपडेट के अनुसार, 11 सीटों में से पांच के नतीजे घोषित हो चुके थे। इनमें भाजपा ने चार और सपा ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी। अन्य सीटों पर मतगणना और रुझानों के बीच मुकाबला दिलचस्प बना हुआ था। लखनऊ शिक्षक सीट पर भाजपा की हैट्रिक लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने सपा के सुशील कुमार को छह हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। उमेश द्विवेदी को प्रथम वरीयता के 12,508 वोट मिले। जीत की आधिकारिक घोषणा से पहले सपा प्रत्याशी के समर्थकों ने कथित धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जिसके कारण घोषणा में देरी हुई। लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह आगे लखनऊ खंड स्नातक सीट पर देर रात करीब 12 बजे मतगणना के रुझान सामने आने लगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सपा प्रत्याशी कांति सिंह लगभग 1,400 वोटों से आगे चल रही थीं, जबकि भाजपा के अवनीश सिंह पीछे थे। उस समय प्रतापगढ़ के बैलेट बॉक्स के मतों की गिनती शुरू हुई थी। इसलिए अंतिम नतीजे के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार जरूरी था। आगरा में मतगणना केंद्र के अंदर मारपीट का आरोप आगरा में मतगणना केंद्र के भीतर कथित मारपीट ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। भाजपा और सपा प्रत्याशियों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए। भाजपा प्रत्याशी ने कार्रवाई की मांग करते हुए मतगणना केंद्र से बाहर आकर समर्थकों के साथ धरना दिया। उनके कुर्ते के फटे होने की बात भी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर दीपक कुमार को मौके पर पहुंचना पड़ा। इसके बाद सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल भी फटे कुर्ते में बाहर आए और भाजपा पक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी आवश्यक है। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना आगरा की घटना के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर डॉ. आकाश अग्रवाल का वीडियो साझा करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रशासन से सपा प्रत्याशी को तत्काल जीत का प्रमाणपत्र देने की मांग की और चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने को कहा। अखिलेश ने सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रपति से भी हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने अपने राजनीतिक संदेश में ‘PDA’ के ‘A’ को अग्रवाल समाज से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि आगरा की घटना से समाज में आक्रोश है। ये आरोप सपा अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं; इन पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा। गोरखपुर में पहले निर्दलीय आगे, फिर भाजपा ने बनाई बढ़त गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के दौरान मुकाबला लगातार बदलता रहा। दूसरे राउंड की समाप्ति पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को 7,457 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी को 7,424 मत प्राप्त हुए थे। इस चरण में राजीव यादव 33 वोटों से आगे थे। सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी 5,487 मतों के साथ तीसरे स्थान पर थे। हालांकि, चौथे राउंड तक तस्वीर बदल गई। उपलब्ध आंकड़ों में भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी को 11,881, निर्दलीय राजीव यादव को 11,415 और सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी को 8,301 वोट मिले। इस तरह भाजपा प्रत्याशी 466 मतों से आगे हो गए। गोरखपुर में मतगणना पर सवाल, सपा ने किया बहिष्कार गोरखपुर में समाजवादी पार्टी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बहिष्कार किया। सपा के कार्यकारी जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम का आरोप था कि प्रत्येक राउंड के बाद मिलने वाला चार्ट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। उनके अनुसार, निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव और सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी ने चार्ट मांगा, लेकिन उन्हें नहीं दिया गया। सपा नेताओं ने चौथे राउंड में मतों के वितरण और बड़ी संख्या में वोट अवैध घोषित किए जाने पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष और मतगणना के आधिकारिक अभिलेख महत्वपूर्ण होंगे। निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने भी लगाए गंभीर आरोप गोरखपुर में शुरुआती दौर में बढ़त बनाने वाले निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव भी नाराज होकर मतगणना केंद्र से बाहर चले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पक्ष में पड़े वोट भाजपा के खाते में दर्ज किए गए। राजीव यादव ने मतपत्रों पर लिखे अंकों में कथित बदलाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां एक लिखा था, उसे चार बना दिया गया। उन्होंने मतगणना की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। फिलहाल ये आरोप हैं, जिनकी पुष्टि आधिकारिक जांच और संबंधित दस्तावेजों से ही हो सकती है। वाराणसी में भाजपा को झटका, मेरठ और बरेली में जीत उपलब्ध नतीजों के अनुसार, भाजपा ने मेरठ शिक्षक, मेरठ स्नातक, बरेली शिक्षक और लखनऊ शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की थी। वहीं, वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की। इस परिणाम को भाजपा के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। अन्य सीटों पर जारी मतगणना के दौरान भाजपा गोरखपुर शिक्षक और आगरा स्नातक सीट पर आगे बताई गई, जबकि सपा आगरा शिक्षक, लखनऊ स्नातक और झांसी स्नातक सीट पर बढ़त बनाए हुए थी। वाराणसी स्नातक सीट के रुझान का इंतजार किया जा रहा था। इन रुझानों को अंतिम परिणाम नहीं माना जाना चाहिए। चुनावी नतीजों के बीच पारदर्शिता पर निगाहें यूपी एमएलसी चुनाव की मतगणना ने राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज कर दिए हैं। आगरा की कथित मारपीट और गोरखपुर में मतगणना को लेकर उठे सवालों के बीच अब सबकी नजर निर्वाचन अधिकारियों की कार्रवाई और आधिकारिक परिणामों पर है। निष्पक्ष मतगणना, शिकायतों की जांच और परिणामों की पारदर्शी घोषणा ही इस विवाद के बीच सबसे अहम होगी।
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