महाराजगंज के पोखरा गांव में दर्दनाक घटना से पसरा मातम, 72 घंटे बाद तालाब से मिला पति का शव; पत्नी के मायके वालों ने लगाया था हत्या का आरोप

सीवान (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार के सीवान जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र के पोखरा गांव में प्रेम प्रसंग को लेकर पति-पत्नी के बीच शुरू हुआ विवाद एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। घर में कहासुनी के बाद पत्नी ने पास स्थित छठ घाट के तालाब में छलांग लगा दी। उसे बचाने के लिए पति भी गहरे पानी में उतर गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। देखते ही देखते दोनों की जिंदगी खत्म हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने उनकी महज दो साल की मासूम बच्ची को माता-पिता दोनों से हमेशा के लिए जुदा कर दिया।
मृतकों की पहचान पोखरा गांव निवासी विश्वनाथ साह के 28 वर्षीय पुत्र विशाल कुमार साह और उसकी 25 वर्षीय पत्नी सुगंधा देवी के रूप में हुई है। सोमवार की सुबह तालाब से सुगंधा का शव बरामद हुआ था, जबकि पति विशाल की तलाश में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार बुधवार सुबह करीब सात बजे उसी तालाब में विशाल का शव उपलाता मिला। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, विशाल कुमार साह का गांव की ही एक महिला से कथित प्रेम प्रसंग चल रहा था। रविवार की रात करीब नौ बजे वह कथित तौर पर महिला से मिलने उसके घर पहुंचा था। वहां किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी बीच किसी व्यक्ति ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति शांत कराई और अगले दिन थाने में आवेदन देने की बात कहकर लौट गई।
बताया जाता है कि घर लौटने के बाद इसी मामले को लेकर विशाल और उसकी पत्नी सुगंधा देवी के बीच फिर विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान सुगंधा घर के पास बने छठ घाट के तालाब में कूद गई। पत्नी को डूबता देख विशाल भी उसे बचाने के लिए तालाब में उतर गया। लेकिन पानी गहरा होने के कारण दोनों बाहर नहीं निकल सके और डूबने से उनकी मौत हो गई।
सोमवार की सुबह तालाब से सुगंधा का शव मिलने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई। महाराजगंज थानाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया। घटनास्थल से विशाल के कपड़े भी बरामद हुए, जिसके बाद तालाब में उसकी तलाश शुरू कराई गई।
मंगलवार को एसडीआरएफ की टीम ने तालाब में काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन विशाल का पता नहीं चल सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद एसडीओ अनीता सिन्हा, एसडीपीओ अमन, सीओ जितेंद्र कुमार और बीडीओ बिंदु कुमार समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ की टीम ने भी तालाब में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन मंगलवार को सफलता नहीं मिली।
बुधवार की सुबह करीब सात बजे ग्रामीणों ने तालाब में एक शव उपलाते देखा। पहचान होने पर पता चला कि वह विशाल कुमार साह का शव है। सूचना मिलते ही महाराजगंज थाने के अपर थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया।
इस मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। सुगंधा के मायके वालों ने विशाल पर उसकी हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। अब पति का शव मिलने के बाद मामले की सच्चाई सामने लाने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
इस दर्दनाक घटना ने एक मासूम बच्ची का बचपन असहनीय दुख से भर दिया है। जिस उम्र में उसे माता-पिता के स्नेह और सुरक्षा की सबसे अधिक जरूरत थी, उसी उम्र में उसके सिर से दोनों का साया उठ गया। गांव में मातम पसरा है। यह घटना पारिवारिक विवादों में संयम, संवाद और समय रहते मदद लेने की अहमियत की ओर भी ध्यान दिलाती है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।