कुशीनगर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। दशहरे की तैयारियों और मेले की रौनक के बीच चार परिवारों पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा कि खुशियों से भरे घरों में चीख-पुकार मच गई। कुशीनगर के कसया-देवरिया मार्ग पर रामाभार पुल के पास सोमवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में प्रधान पुत्र समेत चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें फंसे शवों को निकालने के लिए पुलिस को गैस कटर की मदद लेनी पड़ी। हादसे की खबर मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
नवरात्रि का मेला देखने निकले थे दोस्त, लौटते समय काल बनकर आई कार जानकारी के अनुसार, देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र के मथिया रूनी गांव के प्रधान शकुंतल प्रसाद का पुत्र नीतीश कुमार अपने दोस्तों के साथ कसया में लगा नवरात्रि मेला देखने गया था। बताया जा रहा है कि रास्ते में उसने अलग-अलग गांवों से अपने दोस्तों को कार में बैठाया। शुरुआत में कार में आठ युवक सवार थे, लेकिन रास्ते में एक युवक उतर गया। इसके बाद सात युवक कार में सवार होकर देर रात वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रामाभार पुल के पास चालक कार पर नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी तेज रफ्तार में पेड़ से जा टकराई।
कार में बुरी तरह फंसे थे शव, गैस कटर से निकालने पड़े हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और युवक अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। कार में फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी सन्न रह गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
चार युवकों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल इस भीषण दुर्घटना में नीतीश कुमार (22), प्रदीप प्रसाद (23), संजीव शर्मा (21) और अंकुल कनौजिया उर्फ आदित्य (20) की जान चली गई। वहीं अंकित प्रसाद (22), अंकित यादव (21) और हिमांशु वर्मा (22) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
त्योहार की खुशियों पर पसरा मातम, गांव में शोक की लहर दशहरा जैसे पर्व से ठीक पहले हुई इस हृदयविदारक घटना ने चार परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। जिन घरों में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब अपनों को खोने का गम है। युवकों की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर जरा-सी लापरवाही और तेज रफ्तार कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। त्योहार की खुशियां मनाने के लिए घर से निकलें तो सुरक्षित गति, सतर्क ड्राइविंग और यातायात नियमों का पालन जरूर करें।

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