जिलाधिकारी ने विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को बढ़या बुजुर्ग स्थित कम्पोजिट विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों, बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आंगनबाड़ी केंद्र के अभिलेखों में 40 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर मात्र 10 बच्चे ही उपस्थित मिले। इस अंतर पर जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यकर्त्री को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।कम्पोजिट विद्यालय बढ़या बुजुर्ग के निरीक्षण के दौरान शिक्षक और बच्चे उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया। उन्होंने विद्यालय में संचालित प्रातःकालीन गतिविधियों का जायजा लिया तथा खेलकूद के उपकरणों की उपलब्धता, अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) रजिस्टर, प्रत्येक कक्षा की डिजिटल उपस्थिति, रसोईघर और मध्याह्न भोजन से संबंधित अभिलेखों की जांच की।उन्होंने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय की नियमित निगरानी करने और व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षकों से बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान देने तथा विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने को कहा।इसके बाद जिलाधिकारी ने बढ़या बुजुर्ग स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री उपस्थित मिलीं। अभिलेखों में 40 बच्चों की उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद मौके पर लगभग 10 बच्चे ही मिले। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री को सहायिका के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।उन्होंने बाल पेंटिंग और पहल पुस्तकों के माध्यम से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को रुचिकर बनाने तथा उनकी सीखने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की नियमित उपस्थिति के साथ उनकी प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री ने पोषण ट्रैकर ऐप के संचालन और उसके माध्यम से उपलब्ध सूचनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ऐप के जरिए बुधवार को आयोजित होने वाले सत्र, गर्भवती महिलाओं की संख्या और लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे पोषण संबंधी लाभों के बारे में भी बताया।जिलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी को आंगनबाड़ी केंद्र की नियमित निगरानी करने और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, प्रारंभिक शिक्षा को प्रभावी बनाने तथा संबंधित योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।