
दुष्कर्म मामले में उम्रकैद, कई मुकदमों से रहा सुर्खियों में; गोरखपुर में परवेज परवाज की मौत
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गोरखपुर जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 72 वर्षीय परवेज परवाज की शनिवार देर रात जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जेल की अस्पताल बैरक में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया था। चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन रात 2:50 बजे उसने दम तोड़ दिया। परवेज की मौत के बाद उसके आपराधिक मामलों के साथ वर्ष 2007 में तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का प्रकरण भी फिर चर्चा में आ गया है। जेल प्रशासन के अनुसार, परवेज परवाज लंबे समय से ब्लड प्रेशर, मधुमेह और सांस संबंधी बीमारियों से परेशान था। शनिवार देर रात करीब 2:15 बजे उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। जेल के चिकित्सक ने प्राथमिक जांच के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई थी। जेल प्रशासन के मुताबिक, शव का पोस्टमार्टम कराकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जानी थी। सामूहिक दुष्कर्म मामले में काट रहा था उम्रकैद राजघाट क्षेत्र के तुर्कमानपुर निवासी परवेज परवाज 26 सितंबर 2018 से गोरखपुर जिला कारागार में बंद था। सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने 28 जुलाई 2020 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा सेवन सीएलए से जुड़े मामले में भी उसे सजा हुई थी। पायरेटेड सीडी के प्रसारण से संबंधित मामला भी उसके नाम से जुड़ा रहा। 2007 में योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमे से सुर्खियों में आया परवेज परवाज वर्ष 2007 में गोरखपुर में हुए दंगे के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। उस समय योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद थे। परवेज ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसे लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हुआ था। खबरों में इस मामले के आरोपों को जांच के दौरान फर्जी पाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, इस प्रकरण से जुड़ी किसी भी टिप्पणी में जांच और न्यायिक रिकॉर्ड के तथ्यों को ध्यान में रखना जरूरी है। इसके बाद भी परवेज परवाज अलग-अलग कानूनी मामलों को लेकर सुर्खियों में बना रहा। सामूहिक दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काटते हुए उसकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। बीमारियों से जूझ रहा था कैदी, अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर नजर जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय के मुताबिक, परवेज को पहले से कई बीमारियां थीं। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया था। उसकी मौत के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और जेल प्रशासन की औपचारिकताएं महत्वपूर्ण हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के चिकित्सकीय कारणों की पुष्टि हो सकेगी। परवेज परवाज की मौत के साथ ही एक ऐसा नाम फिर चर्चा में है, जो गंभीर आपराधिक मामलों और वर्ष 2007 के राजनीतिक विवाद के कारण सुर्खियों में रहा था। इस घटना ने एक बार फिर जेल में बंद बीमार कैदियों के स्वास्थ्य, समय पर उपचार और चिकित्सकीय निगरानी की व्यवस्था पर ध्यान खींचा है।
