
क्रामाटोर्स्क/मॉस्को (राष्ट्र की परम्परा)। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर भयावह रूप ले लिया है। पूर्वी यूक्रेन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर क्रामाटोर्स्क में सड़क पर हुए बम हमले ने भारी तबाही मचा दी। इस हमले में कम से कम 33 लोगों की मौत और 18 अन्य के घायल होने की खबर सामने आई। इसे इस साल यूक्रेन में हुए सबसे घातक हमलों में से एक बताया जा रहा है। दूसरी ओर, रूस में एक बड़े डेटा सेंटर पर ड्रोन हमले के बाद आग लगने और कामकाज ठप होने की घटना ने युद्ध के नए मोर्चे को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्रामाटोर्स्क में हमला उस इलाके में हुआ, जहां सार्वजनिक परिवहन की बसें संचालित होती हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने घटनास्थल को बस स्टॉप बताया। क्षेत्रीय गवर्नर वादिम फिलाश्किन ने टेलीग्राम पर कहा कि यात्रियों से भरी बस को निशाना बनाना अधिकतम जनहानि पहुंचाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, हमले की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन्हें संबंधित अधिकारियों के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
हमले के बाद घटनास्थल की तस्वीरों में तबाही का भयावह दृश्य सामने आया। यूक्रेनी पुलिस की ओर से जारी तस्वीरों में सड़क पर बिखरा मलबा, शव और पास में बस का जला हुआ ढांचा दिखाई देने की बात कही गई। इस घटना ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। युद्धग्रस्त क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन और आम लोगों की आवाजाही वाले स्थानों पर हमले मानवीय संकट को और गहरा सकते हैं।
रूस लंबे समय से यूक्रेन युद्ध के दौरान जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करता रहा है। फरवरी 2022 में शुरू हुए पूर्ण पैमाने के रूसी आक्रमण के बाद से दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव लगातार जारी है। इस संघर्ष में नागरिक ठिकानों को हुए नुकसान और आम लोगों की मौतों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता व्यक्त की जाती रही है।
इसी बीच, रूस के रियाजान क्षेत्र के सासोवो में स्थित यांडेक्स के डेटा सेंटर पर ड्रोन हमले की खबर ने तकनीकी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यांडेक्स रूस की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सहित कई डिजिटल सेवाएं संचालित करती है। कंपनी के मुताबिक, उसके सासोवो केंद्र पर हमले के बाद आग लग गई, जिसके कारण वहां का कामकाज रोकना पड़ा।
बताया गया कि यह केंद्र कंपनी के पांच प्रमुख डेटा हब में से एक है, जहां बड़ी संख्या में सर्वर स्थापित हैं। ऐसे केंद्र डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और कंप्यूटिंग संबंधी गतिविधियों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। इस तरह के बुनियादी ढांचे पर हमला होने से सेवाओं के संचालन और तकनीकी सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक सीमा और सेवाओं पर पड़े प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
क्रामाटोर्स्क में नागरिकों की मौत और रूस में डेटा सेंटर पर ड्रोन हमले की घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव अब केवल अग्रिम मोर्चों तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक स्थानों से लेकर तकनीकी बुनियादी ढांचे तक, विभिन्न क्षेत्रों में हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। इन घटनाओं के बीच सबसे बड़ी चिंता आम नागरिकों की सुरक्षा, आवश्यक सेवाओं की निरंतरता और युद्ध के और व्यापक होने की आशंका को लेकर बनी हुई है।
