आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्रीय कारागार आगरा में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में प्री-मेगा शिविर के साथ विधिक जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बंदियों को स्वास्थ्य जांच, कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कारागार में निरुद्ध बंदियों का नेत्र परीक्षण किया। चिकित्सक डॉ. मनीष गुप्ता एवं सुनील गौतम ने बंदियों की आंखों की जांच की। जांच के दौरान जिन बंदियों को चश्मे की जरूरत पाई गई, उन्हें चश्मा उपलब्ध कराने के लिए पंजीकृत किया गया।
कार्यक्रम में कारागार के करापाल संतोष कुमार, डिप्टी जेलर सूरज कुमार समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने शिविर के सुचारू संचालन में सहयोग किया।
शिविर के बाद पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा ने केंद्रीय कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और परेशानियों की जानकारी ली। बंदियों की ओर से सामने रखी गई समस्याओं के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई गई तथा उनके समाधान के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की बात कही गई।
बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के साथ-साथ निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जरूरत पड़ने पर वे अपने कानूनी मामलों में विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
शिविर का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों तक स्वास्थ्य सेवाओं और कानूनी सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना रहा। साथ ही उनकी समस्याओं को सुनकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।