
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने खादी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूट देने की घोषणा की है। सरकार का यह कदम खादी, स्थानीय उत्पादों और प्रदेश के कारीगरों-बुनकरों को प्रोत्साहन देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों से खादी के वस्त्र अपनाने की अपील करते हुए कहा कि खादी को केवल पहनावे तक सीमित नहीं समझना चाहिए, बल्कि यह स्वदेशी, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की भावना से जुड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वदेशी को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा और उनके विचारों ने आजादी की लड़ाई को व्यापक जनभागीदारी वाला आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज भी स्वदेशी और स्वावलंबन की भावना देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और हस्तशिल्पियों के उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को बाजार और बेहतर मंच उपलब्ध कराने से कारीगरों की मेहनत को सम्मान मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन और संघर्षशील व्यक्तित्व को भी याद किया। उन्होंने शास्त्री जी के प्रसिद्ध ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में जवानों और खाद्यान्न उत्पादन में किसानों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने कहा कि जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, जबकि किसान देश की खाद्य जरूरतों को पूरा करने में योगदान देते हैं। किसानों और जवानों के परिश्रम ने भारत को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देश ने खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना और कारीगरों के हुनर को प्रोत्साहित करना देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का माध्यम है। खादी को बढ़ावा देने के लिए घोषित 25 प्रतिशत छूट से लोगों को खादी के वस्त्र खरीदने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। यह छूट 30 जनवरी 2027 तक लागू रहेगी।
