पिता ने किया बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार

15 साल तक बांधी राखी, फिर उसी युवक से कर ली शादी

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रयागराज में शादी से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मान्यताओं को लेकर चर्चा छेड़ दी है। 20 वर्षीय युवती ने 22 वर्षीय उस युवक से शादी कर ली, जिसे वह करीब 15 वर्षों से राखी बांधकर भाई मानती थी। दोनों के घर से जाने और शादी करने की जानकारी मिलने के बाद युवती के परिवार ने उससे संबंध खत्म करने का फैसला किया। पिता ने बेटी को मृत मानते हुए उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार तक कर दिया।
मामला यमुनानगर स्थित औद्योगिक थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। परिवार के अनुसार गांव का रहने वाला 22 वर्षीय शाश्वत लंबे समय से उनके घर आता-जाता था। वह एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है, जबकि उसके पिता बिजली विभाग में कार्यरत बताए गए हैं। परिजनों का कहना है कि शाश्वत और युवती के बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता था और युवती करीब 15 वर्षों से उसे राखी बांधती आ रही थी।
परिवार के मुताबिक, उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि दोनों के बीच कब नजदीकियां बढ़ीं। बताया गया कि 20 सितंबर को दोनों घर से चले गए और बाद में उन्होंने शादी कर ली। युवती के पिता गणेश को 21 सितंबर को बेटी की शादी की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार ने बेटी से रिश्ता खत्म करने का फैसला किया।
परिजनों के अनुसार पिता ने बेटी को मृत मानकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। युवती की तस्वीर पर ‘स्वर्गीय’ लिखे जाने की बात भी सामने आई है। परिवार का दावा है कि 22 सितंबर को बेटी की पुण्यतिथि के तौर पर रस्में भी पूरी की गईं।
युवती की मां ने आरोप लगाया कि शाश्वत का उनके घर वर्षों से आना-जाना था और उनकी बेटी उसे भाई मानकर लंबे समय से राखी बांधती थी। मां का आरोप है कि शाश्वत उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
हालांकि, युवती ने परिवार के इन आरोपों को खारिज किया है। शादी के बाद सामने आए वीडियो में युवती ने कहा कि वह और शाश्वत एक-दूसरे को पसंद करते हैं और दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है। उसने परिवार और अन्य लोगों से उन्हें परेशान नहीं करने की अपील भी की। युवती के मुताबिक, वह फिलहाल अपने पति के साथ रह रही है और खुश है।
युवती ने अपने पिता पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी लगाए हैं। उसका कहना है कि वह लंबे समय से बीमार थी, लेकिन परिवार की ओर से उसका उचित इलाज नहीं कराया गया। युवती के अनुसार शादी के बाद पति और ससुराल के लोग उसकी देखभाल कर रहे हैं और उसका इलाज भी कराया जा रहा है।
दो लाख रुपये लेकर जाने के आरोप से भी इनकार
घर से दो लाख रुपये लेकर जाने के आरोप को युवती ने सिरे से खारिज किया है। उसका कहना है कि उसके परिवार के पास इतनी बड़ी रकम थी ही नहीं। युवती ने कहा कि परिवार द्वारा उसे मृत मानकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किए जाने के बाद उसने भी परिवार से अपना रिश्ता खत्म करने का फैसला किया।
इस मामले में फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे से अलग दावे सामने आए हैं। युवती अपनी शादी को अपनी इच्छा और सहमति से लिया गया फैसला बता रही है, जबकि परिवार की ओर से उसे बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया गया है। ऐसे में मामले की पूरी तस्वीर आधिकारिक जांच और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।