पंचवटी व हरिशंकरी पौधों का रोपण-वितरण, श्रद्धालुओं ने लिया जल संरक्षण का संकल्प

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। नारायण सेवा संस्थान परिसर बरेठी में भगवान श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का स्थापना दिवस धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों के बीच भव्यता के साथ मनाया गया। पूजा-अर्चना, संगीतमय कथा-प्रवचन और भजन के साथ समारोह में पर्यावरण एवं जल संरक्षण का संदेश दिया गया। इस दौरान पंचवटी और हरिशंकरी प्रजाति के पौधों का रोपण एवं वितरण कर लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान अध्यक्ष प्रभु नारायण ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में देवालय केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और लोक कल्याण की चेतना के प्रसार के माध्यम भी रहे हैं। भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना मानव को धर्मसम्मत आचरण, करुणा, परोपकार तथा जरूरतमंदों की सेवा के लिए प्रेरित करती है।महामना मालवीय मिशन (अवध) के अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने कहा कि सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से पंचवटी और हरिशंकरी प्रजाति के वृक्षों का व्यापक स्तर पर रोपण कराया जा रहा है। स्थानीय जनसहयोग से पौधों के संरक्षण के लिए जन-जागरण अभियान भी चलाया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाई जा सके।सनातन धर्म मार्गदर्शक देवेश अवस्थी ने संगीतमय कथा-प्रवचन एवं भजनों की प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का संचालन संस्थान प्रबंधक अभिषेक दुबे ने किया। समाजसेवी गौरव श्रीवास्तव ने अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।समापन अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना के सौजन्य से श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों को हरिशंकरी, पंचवटी तथा फलदार पौधों का वितरण किया गया। परिसर में पौधरोपण के साथ उपस्थित लोगों ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया।इस अवसर पर संरक्षक नारायण शर्मा, विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अनूप ठक्कर, महामना मालवीय मिशन (अवध) के महामंत्री सोमेश वर्धन सिंह एडवोकेट, सनातन धर्म प्रवर्तक मुकुल अवस्थी, मंदिर व्यवस्थापक अजय श्रीवास्तव ‘अज्जू’, के.डी. सिंह एडवोकेट, पर्यावरणविद् अभिषेक गुप्ता, समन्वयक बृजेश कुमार, आरएसएस जिला प्रचारक रवि प्रताप, क्षेत्रीय रेंजर हेमंत मणि त्रिपाठी, वन दारोगा मनोज कुमार, समाजसेवी प्रदीप मिश्र, संगठक संजीव कुमार, विधिवेत्ता कुमार संभव तथा समाजसेवी अखिलेश श्रीवास्तव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
