लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्कों का बहिष्कार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील सदर इकाई ने विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शनिवार को एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष अनिल राय के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में शासन और राजस्व परिषद स्तर पर लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की गई। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 22 सितंबर 2026 से अतिरिक्त हल्कों के कार्य का बहिष्कार किया जाएगा और अतिरिक्त हल्कों के बस्ते तहसील अथवा राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा किए जाएंगे।संघ ने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन के महत्वपूर्ण कार्यों के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों का दायित्व निभा रहे हैं। इसके बावजूद कार्यभार बढ़ने, संसाधनों की कमी, पदोन्नति में देरी और वेतन विसंगति जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।ज्ञापन में अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई। संघ के अनुसार 16 मई 2025 को राजस्व परिषद पोर्टल पर करीब 2669 लेखपालों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने पोर्टल दोबारा खोलकर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की।लेखपाल संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने तथा वर्ष 2024 में नियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये, मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता 1500 रुपये तथा विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई।संघ ने भूलेख कार्यालयों एवं अन्य पटलों पर संबद्ध लेखपालों को मूल कार्य के लिए अवमुक्त करने तथा ग्राम सचिवालयों में लगाए जा रहे रोस्टर पर भी आपत्ति जताई। पदाधिकारियों का कहना था कि अधिकांश ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए आवश्यक कक्ष, फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, अभिलेख रखने की व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। एक लेखपाल के पास कई ग्राम होने के कारण निर्धारित समय पर एक ही ग्राम सचिवालय में बैठकर कार्य करना व्यावहारिक नहीं है।संघ ने लेखपाल संवर्ग को तकनीकी पद घोषित करने, लैपटॉप और मोबाइल जैसे तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने तथा प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (ग्रेड पे 2800) किए जाने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी की।तहसील अध्यक्ष अनिल राय ने कहा कि यदि शासन और राजस्व परिषद स्तर से लंबित मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्कों का कार्य नहीं किया जाएगा। इसके बाद ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार सहित अन्य निर्णय लिए जाने की चेतावनी दी गई है।इस दौरान तहसील मंत्री रत्नेश सिंह, कोषाध्यक्ष दिलीप सिंह, ऑडिटर राम कुमार गुप्ता समेत कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारी और लेखपाल मौजूद रहे।