
मां का शव घर में पड़ा था, छह बेटियों में छिड़ा संपत्ति का संग्राम; पुलिस पहुंची तो थमा विवाद
आजमगढ़ (राष्ट्र की परम्परा)। आजमगढ़ के लोहरा गांव में शुक्रवार को करीब 105 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत के बाद ऐसा विवाद खड़ा हो गया, जिसने रिश्तों और संपत्ति के बीच बढ़ती खाई को उजागर कर दिया। घर में मां का शव पड़ा था और उनकी छह बेटियों के बीच इलाज में खर्च हुए रुपये तथा संपत्ति के बंटवारे को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ा कि पड़ोसियों को पुलिस बुलानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार लोहरा निवासी चौरासी देवी पत्नी स्वर्गीय रामनवल पिछले करीब तीन महीने से बीमार थीं। उनका अतरौलिया अस्पताल में उपचार चल रहा था। शुक्रवार दोपहर उनकी मौत हो गई। निधन की सूचना मिलते ही उनकी छह बेटियां घर पहुंचीं। परिजनों के बीच पहले उपचार में हुए खर्च को लेकर बातचीत हुई और फिर बात संपत्ति के बंटवारे तक पहुंच गई।
मां की मौत के बाद घर में मचा विवाद
बताया गया कि संपत्ति और इलाज के खर्च को लेकर बेटियों के बीच विवाद बढ़ने लगा। घर का माहौल बिगड़ता देख आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिवार के सदस्यों से पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस की मौजूदगी में विवाद शांत कराया गया।
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संपत्ति के लिए रिश्तों में बढ़ता तनाव बना चिंता का विषय
लोहरा की यह घटना केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर संदेश देती है। जिस मां ने परिवार को वर्षों तक जोड़कर रखा, उसकी मृत्यु के बाद यदि संपत्ति और पैसों का विवाद रिश्तों पर भारी पड़ने लगे तो यह सोचने का विषय है।
परिवारों में संपत्ति संबंधी मामलों को समय रहते आपसी सहमति, कानूनी सलाह और पारदर्शी बातचीत से सुलझाना जरूरी है। धन-संपत्ति का बंटवारा विवाद का कारण बन सकता है, लेकिन रिश्तों में आई दरार कई बार वर्षों तक नहीं भरती।
सीतापुर में भी संपत्ति विवाद का मामला आया था सामने
संपत्ति विवाद से जुड़ा एक अन्य मामला हाल में सीतापुर के महमूदाबाद क्षेत्र में सामने आया था। वहां इब्राहीम के लापता होने के बाद उसका शव शारदा सहायक नहर से बरामद हुआ था। उसकी पत्नी साबिदा ने संपत्ति विवाद के चलते पति को निशाना बनाए जाने और घटना को हादसे का रूप देने का आरोप लगाया था।
पुलिस से कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए मृतक की पत्नी ने न्यायालय का रुख किया। कोर्ट के आदेश के बाद महमूदाबाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या और अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
संपत्ति जीवन की जरूरत हो सकती है, लेकिन रिश्तों से बड़ी नहीं। परिवारों को चाहिए कि विरासत और खर्च से जुड़े विवादों को भावनात्मक टकराव बनने से पहले कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं।
