Saturday, June 6, 2026
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ग्राम पंचायत आय में अनियमितता पर प्रशासन सख्त, पंचायत सहायकों को 12 जून तक जमा करनी होगी बकाया राशि

12 लाख रुपये से अधिक की धनराशि पंचायत खातों में जमा न होने पर जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। ग्राम पंचायतों की आय से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पंचायतीराज विभाग की समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि जनसेवा केंद्रों से प्राप्त लाखों रुपये की आय संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में जमा नहीं कराई गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पंचायत खातों में जमा नहीं हुई लाखों की राशि

जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 की लगभग 11.31 लाख रुपये तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की 74 हजार रुपये की धनराशि संबंधित पंचायत सहायकों द्वारा ग्राम पंचायतों के ओएसआर (Own Source Revenue) खातों में जमा नहीं कराई गई।

बताया गया कि यह राशि विभिन्न प्रमाणपत्रों और सेवाओं के माध्यम से प्राप्त हुई थी, जिसे नियमानुसार ग्राम पंचायतों के खातों में जमा किया जाना अनिवार्य था।

जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए जिलाधिकारी ने सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संबंधित पंचायत सहायकों से 12 जून तक पूरी बकाया राशि जमा कराई जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धनराशि का व्यक्तिगत उपयोग या उसका निर्धारित खाते में जमा न किया जाना गबन की श्रेणी में माना जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सेवा समाप्ति तक की हो सकती है कार्रवाई

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक बकाया धनराशि जमा नहीं कराई गई तो संबंधित पंचायत सहायकों के खिलाफ सेवा समाप्ति सहित विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद पंचायतीराज विभाग में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करें और पूरी रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।

वित्तीय पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर

जिला प्रशासन का कहना है कि ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए प्राप्त धनराशि का पारदर्शी और नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन की इस कार्रवाई को पंचायतों में वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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