देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई। समाजवादी पार्टी के मुखर नेता अनिल यादव को पुलिस प्रशासन ने बीती रात उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। बताया जा रहा है कि रात लगभग 1:20 बजे सीओ सिटी, सदर कोतवाल और भारी संख्या में पुलिस बल उनके घर पहुंचा और पूरे परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
सपा नेता अनिल यादव ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि उनका “कसूर” केवल इतना था कि वे सोनू घाट-बरहज मार्ग समेत क्षेत्र की कई जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते थे। उन्होंने अपने समर्थकों और स्थानीय लोगों से अपील की थी कि मुख्यमंत्री के देवरिया आगमन के दौरान वे जनहित से जुड़ा ज्ञापन सौंपेंगे।
अनिल यादव का आरोप है कि प्रशासन को आशंका थी कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा, इसी कारण उन्हें घर में ही रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता, लेकिन वर्तमान व्यवस्था विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित करना, फर्जी मुकदमों में फंसाना और हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाइयां लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उनके अनुसार यह कार्रवाई प्रशासनिक सख्ती से ज्यादा राजनीतिक दबाव का संकेत देती है।
सपा नेता ने कहा कि क्षेत्र की सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और अन्य जनसमस्याओं को लेकर उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जनता की आवाज उठाने की कीमत जेल या उत्पीड़न है, तो भी वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर जिले की राजनीति गरमा गई है। स्थानीय स्तर पर समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है और विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
