बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बलिया शहर के बेदुआ बंधे पर स्थित सरकारी शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन शनिवार को उग्र हो गया। पांच दिनों से धरना और क्रमिक अनशन कर रहे स्थानीय लोगों और महिलाओं का गुस्सा उस समय भड़क उठा जब उन्होंने आबकारी विभाग का पुतला दहन करने का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद पुलिस ने पुतला छीनकर नाले में फेंक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं का आरोप है कि शराब की दुकानों के कारण क्षेत्र का माहौल खराब हो गया है और आए दिन शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। उनका कहना है कि राह चलती महिलाओं और छात्राओं को छींटाकशी और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शराब की दुकान के आसपास स्कूल, मंदिर और पुलिस चौकी मौजूद है, इसके बावजूद प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं और शराबियों की गतिविधियों का गलत असर युवाओं पर पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों को आबादी से दूर नहीं हटाया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
