संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन तेज आंधी, धूलभरी हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। शाम होते-होते आसमान में धूल का घना गुबार छा गया, जिससे दिन में ही अंधेरे जैसा माहौल बन गया और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।
दोपहर तक तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को शाम होते ही मौसम के उग्र रूप का सामना करना पड़ा। जिले के कई इलाकों में धूल की चादर छा गई और दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और ई-रिक्शा चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा के दृष्टिकोण से राहगीरों को अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करने पड़े और कई लोग दुकानों व सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर दिखे।
इसी दौरान कई स्थानों पर बड़े पेड़ गिरने से सड़कें जाम हो गईं और आवागमन बाधित हो गया। जनपद गोरखपुर को संत कबीर नगर को जोड़ने वाले एक प्रमुख मार्ग मगहर-कटसहरा रोड पर विशाल पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय लोग मौके पर जुटकर टहनियां हटाने और रास्ता साफ करने में लग गए, जिससे काफी देर बाद आंशिक रूप से यातायात बहाल हो सका।
आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं और बिजली के तार क्षतिग्रस्त होने की भी खबरें हैं, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। कुछ क्षेत्रों में बड़े-बड़े ओले गिरने से मौसम का मिजाज और अधिक बिगड़ गया। हालांकि तेज हवाओं और बारिश के चलते पारे में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
वहीं इस दोहरे असर वाले मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि इस समय फसलों के प्रबंधन का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। देर शाम तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा और पूरा जनपद ठंडी हवाओं की चपेट में रहा।
