ऑपरेशन ‘वज्र’ बना अपराधियों पर काल: 841 वांछित गिरफ्तार, 28 इनामी बदमाश दबोचे
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से चलाया गया विशेष पुलिस अभियान “ऑपरेशन वज्र” वर्ष 2026 में अपराधियों के लिए काल साबित हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस व्यापक अभियान के तहत पुलिस ने अब तक 841 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से अपराधियों में खौफ का माहौल है, वहीं आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 28 इनामी अपराधियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। ये ऐसे अपराधी थे जिनकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी और जिन पर इनाम घोषित था। उनकी गिरफ्तारी न केवल पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि इससे कई पुराने मामलों के खुलासे में भी मदद मिली है।
इसके साथ ही न्यायालयों द्वारा जारी 245 गैर-जमानती वारंट (NBW) का प्रभावी निस्तारण किया गया। पुलिस टीमों ने लगातार दबिश देकर वारंटियों को गिरफ्तार किया और उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। इससे न्यायिक प्रक्रिया को गति मिली और फरार चल रहे आरोपियों पर शिकंजा कसने में सफलता मिली।
“ऑपरेशन वज्र” के तहत जिले के प्रत्येक थाने में विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें लगातार वांछित अपराधियों की तलाश में सक्रिय हैं और आधुनिक तकनीक, सर्विलांस तथा मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग कर रही हैं। पुलिस की यह रणनीति अपराधियों तक तेजी से पहुंच बनाने में कारगर साबित हो रही है।
एसएसपी डॉ. कोस्तुभ ने स्पष्ट किया कि जिले में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि जिले में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।
इस अभियान के परिणामस्वरूप अपराध ग्राफ में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की सक्रियता से उन्हें राहत मिली है और वे खुद को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। “ऑपरेशन वज्र” अब गोरखपुर में सख्त कानून व्यवस्था और प्रभावी पुलिसिंग का प्रतीक बन चुका है।
