महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनहित से जुड़े अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई, जिसमें सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत औपचारिक स्वागत से हुई, जहां जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। इसके बाद जैसे ही समीक्षा शुरू हुई, जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आने लगे।
सबसे पहले नौतनवां क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत का मामला उठा, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता को समय पर गैस उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके अलावा विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तारों का मुद्दा भी बैठक में जोरदार तरीके से उठा। इस पर मंत्री ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाओं की आशंका को समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस मामले में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
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ग्राम पंचायत सदस्यों के बैठक भत्तों के भुगतान में हो रही देरी पर भी मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि लंबित भुगतान को मिशन मोड में जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी बैठकों और आयोजनों में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है। वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांगजनों के लिए यूडीआईडी कार्ड जैसी योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित सभी आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। मनरेगा के तहत लाखों मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
कृषि क्षेत्र में भी प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाखों किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। इससे किसानों को खेती-किसानी में काफी सहूलियत मिली है।
इसके अलावा मिशन सक्षम आंगनबाड़ी के अंतर्गत पोषण वाटिका, बाला वॉल पेंटिंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आभा आईडी के माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इलाज की प्रक्रिया और अधिक आसान होगी।
बैठक के दौरान जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शहरी आवास योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम जैसी योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें और जनता की समस्याओं का समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना ही प्रशासन की पहचान होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भरोसा दिलाया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
