मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच United States ने ईरान के समुद्री इलाकों और बंदरगाहों के आसपास सख्त नाकेबंदी लागू कर दी है। अमेरिकी सेना ने इस अभियान के तहत 15 से ज्यादा जंगी जहाज तैनात किए हैं, जिससे क्षेत्र में हालात और गंभीर हो गए हैं।
USS Tripoli और फाइटर जेट्स की तैनाती
USS Tripoli (LHA-7) को अरब सागर में तैनात किया गया है। इस आधुनिक युद्धपोत पर अत्याधुनिक F-35B Lightning II फाइटर जेट्स और MV-22 Osprey एयरक्राफ्ट तैनात हैं, जो लगातार समुद्री क्षेत्र में निगरानी और गश्त कर रहे हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमान CENTCOM के अनुसार, यह नाकेबंदी भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से लागू की गई।
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समुद्री गतिविधियों पर कड़ी नजर
CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि यह नाकेबंदी ईरानी बंदरगाहों, अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के समुद्री मार्गों पर लागू होगी। हालांकि, गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
अमेरिकी सेना का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखना और किसी भी संभावित खतरे को रोकना है।
बढ़ता तनाव, युद्ध जैसे हालात
USS Tripoli को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह पारंपरिक वेल डेक के बिना अधिक संख्या में फाइटर जेट्स तैनात कर सके। युद्ध जैसी स्थिति में यह 20 से ज्यादा F-35B जेट्स को संचालित करने में सक्षम है।
इस तैनाती के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है और वैश्विक स्तर पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है, खासकर तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर।
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