त्योहार पर मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान, व्यापारियों को सख्त निर्देश
बलिया (राष्ट्र कि परम्परा)
होली पर्व को देखते हुए खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मंगलवार को जनपद में विशेष जांच अभियान चलाया। यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनउ तथा सहायक आयुक्त Azamgarh निर्देश पर की गई। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया।सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. वेद प्रकाश मिश्र के निर्देशन एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री हरिंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री राकेश ने 25 फरवरी 2026 को हनुमान मंदिर क्षेत्र से गाय के दूध का एक नमूना तथा खोया का एक नमूना संग्रहित किया। इसके अतिरिक्त जनाड़ी चट्टी स्थित एक मिष्ठान विक्रेता की दुकान से भी नमूने लेकर उन्हें जांच हेतु अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया।
टीम ने निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही निर्माण और बिक्री करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान कृत्रिम रंगों और मिलावटी सामग्री से बनी मिठाइयों की बिक्री पर विशेष नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से अत्यधिक गहरे और चटकीले रंग की मिठाइयों की जांच की जा रही है, क्योंकि इनमें कृत्रिम रंगों के अधिक उपयोग की संभावना रहती है।सहायक आयुक्त खाद्य ने आमजन से अपील की है कि वे प्रतिष्ठित दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें और अत्यधिक चमकीले या अस्वाभाविक रंग वाली मिठाइयों से परहेज करें। यदि किसी को मिलावट की आशंका हो तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में नियमित साफ-सफाई रखें, खाद्य लाइसेंस का नवीनीकरण समय से कराएं तथा गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्देशों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि होली के अवसर पर आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
