देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद देवरिया में छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत लंबित आवेदनों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर लंबित छात्रवृत्ति आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। सीडीओ ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय-सीमा के बाद यदि किसी संस्थान के लॉगिन पर आवेदन लंबित पाए गए तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हजारों छात्रवृत्ति आवेदन अब भी लंबित
बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जनपद के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के लॉगिन पर बड़ी संख्या में छात्रवृत्ति आवेदन लंबित हैं। इनमें
सामान्य वर्ग के 485 आवेदन,
अनुसूचित जाति के 713 आवेदन,
अनुसूचित जनजाति के 183 आवेदन,
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 1795 आवेदन,
तथा अल्पसंख्यक वर्ग के 321 आवेदन शामिल हैं।
इन आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि छात्रवृत्ति योजनाएं सीधे तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा से जुड़ी हुई हैं।
शिक्षण संस्थानों की जवाबदेही तय
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रवृत्ति आवेदनों का समय पर अग्रसारण या निरस्तीकरण न होना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने उन शिक्षण संस्थानों की अलग से बैठक की, जिनके यहां सर्वाधिक आवेदन लंबित पाए गए।
सीडीओ ने निर्देशित किया कि सभी संस्थान अंतिम तिथि 27 जनवरी की प्रतीक्षा किए बिना आज ही अपने स्तर से लंबित आवेदनों को जांचकर अग्रसारित या निरस्त करें, ताकि पात्र छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।
अंतिम तिथि के बाद सख्ती तय
सीडीओ राजेश कुमार सिंह ने दो टूक कहा कि “अंतिम तिथि के बाद किसी भी शिक्षण संस्थान के स्तर पर यदि छात्रवृत्ति आवेदन लंबित पाया गया, तो संबंधित संस्थान की जवाबदेही तय करते हुए कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति जैसी जनकल्याणकारी योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्रों के हित में प्रशासन की सख्त पहल
छात्रवृत्ति योजनाएं राज्य सरकार की उन महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल हैं, जिनका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। ऐसे में आवेदनों का लंबित रहना सीधे तौर पर छात्रों की पढ़ाई, भविष्य और आत्मनिर्भरता को प्रभावित करता है।
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से पोर्टल की मॉनिटरिंग करें और शिक्षण संस्थानों से समन्वय स्थापित कर सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराएं।
संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी एवं अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित छात्रवृत्ति आवेदनों की स्थिति पर कड़ी नजर रखें और किसी भी स्तर पर आ रही समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
छात्रवृत्ति से जुड़ी पारदर्शिता पर जोर
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि छात्रवृत्ति प्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही बेहद आवश्यक है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शिक्षण संस्थान छात्रों को आवेदन की स्थिति की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति या असमंजस की स्थिति न बने।
छात्रों और अभिभावकों को मिलेगी राहत
प्रशासन की इस सख्त पहल से हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। यदि आवेदनों का निस्तारण समय पर हो जाता है, तो पात्र छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति राशि शीघ्र प्राप्त हो सकेगी, जिससे उनकी शिक्षा बाधित नहीं होगी।
छात्रवृत्ति आवेदनों पर सख्ती, सीडीओ ने दिए शीघ्र निस्तारण के निर्देश
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