14 जनवरी: इतिहास में अमर हुए महान व्यक्तित्व, जिनका जन्म बदला भारत और दुनिया का भविष्य
नारायण कार्तिकेयन (जन्म: 14 जनवरी 1977)
जन्म स्थान: कोयंबटूर, तमिलनाडु, भारत
नारायण कार्तिकेयन भारत के पहले और अब तक के एकमात्र फ़ॉर्मूला-1 रेसिंग ड्राइवर हैं। उनका जन्म तमिलनाडु के औद्योगिक शहर कोयंबटूर में हुआ। बचपन से ही उन्हें मोटरस्पोर्ट्स में गहरी रुचि थी। सीमित संसाधनों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया।
2005 में उन्होंने जॉर्डन ग्रैंड प्रिक्स टीम के लिए फ़ॉर्मूला-1 में पदार्पण किया। यह भारतीय खेल इतिहास का ऐतिहासिक क्षण था। कार्तिकेयन ने न केवल युवा खिलाड़ियों को मोटरस्पोर्ट्स की ओर प्रेरित किया, बल्कि भारत में रेसिंग संस्कृति को नई पहचान दी। वे आज भी खेल प्रशासन और युवा प्रतिभाओं के मार्गदर्शन में सक्रिय हैं।
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एमिली वॉटसन (जन्म: 14 जनवरी 1967)
जन्म स्थान: इस्लिंगटन, लंदन, इंग्लैंड, अमेरिका/ब्रिटेन
एमिली वॉटसन विश्व सिनेमा की चर्चित और सम्मानित अभिनेत्रियों में से एक हैं। उनका जन्म लंदन में हुआ और उन्होंने रंगमंच से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। फिल्म Breaking the Waves में उनके सशक्त अभिनय ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
उन्होंने The Theory of Everything, Gosford Park और Chernobyl जैसी फिल्मों और सीरीज़ में प्रभावशाली भूमिकाएँ निभाईं। दो बार ऑस्कर नामांकन प्राप्त कर चुकी एमिली वॉटसन अपने सशक्त महिला किरदारों और सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। उनका योगदान वैश्विक सिनेमा को संवेदनशील और विचारशील दृष्टि देता है।
ओ. पन्नीरसेल्वम (जन्म: 14 जनवरी 1951)
जन्म स्थान: पेरियाकुलम, थेनी ज़िला, तमिलनाडु, भारत
ओ. पन्नीरसेल्वम तमिलनाडु की राजनीति का एक प्रमुख नाम हैं। उनका जन्म थेनी जिले के पेरियाकुलम में हुआ। वे तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और एआईएडीएमके पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं।
साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले पन्नीरसेल्वम को उनकी सादगी, प्रशासनिक दक्षता और जनता से जुड़ाव के लिए जाना जाता है। उन्होंने राज्य के वित्त, जल संसाधन और सामाजिक कल्याण योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिरता में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
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जगद्गुरु रामभद्राचार्य (जन्म: 14 जनवरी 1950)
जन्म स्थान: जौनपुर ज़िला, उत्तर प्रदेश, भारत
रामभद्राचार्य एक महान संस्कृत विद्वान, दार्शनिक, कवि और हिंदू धर्मगुरु हैं। जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने असाधारण बौद्धिक उपलब्धियाँ हासिल कीं। वे अनेक भाषाओं के ज्ञाता हैं और रामायण, वेदांत तथा भारतीय दर्शन पर उनका कार्य अद्वितीय है।
उन्होंने चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना कर दिव्यांगों के लिए शिक्षा का नया मार्ग खोला। उनका जीवन संघर्ष, साधना और सेवा का जीवंत उदाहरण है।
न्यायमूर्ति योगेश कुमार सभरवाल (जन्म: 14 जनवरी 1942)
जन्म स्थान: दिल्ली, भारत
योगेश कुमार सभरवाल भारत के 36वें मुख्य न्यायाधीश रहे। उनका जन्म दिल्ली में हुआ और उन्होंने न्यायपालिका में दशकों तक सेवा दी। उनके कार्यकाल में न्यायिक पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों को विशेष बल मिला।
उन्होंने कई संवेदनशील और ऐतिहासिक मामलों में फैसले सुनाए। भारतीय न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में उनका योगदान दीर्घकालिक माना जाता है।
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दशरथ मांझी (जन्म: 14 जनवरी 1934)
जन्म स्थान: गहलौर, गया ज़िला, बिहार, भारत
दशरथ मांझी को पूरी दुनिया “बिहार का माउंटेन मैन” के नाम से जानती है। अत्यंत गरीब परिवार में जन्मे मांझी ने अकेले हथौड़े-छेनी से पहाड़ काटकर रास्ता बनाया।
उन्होंने 22 वर्षों की मेहनत से गहलौर पहाड़ को काटकर गांव को शहर से जोड़ा। उनका जीवन दृढ़ संकल्प, प्रेम और सामाजिक बदलाव की मिसाल है।
महाश्वेता देवी (जन्म: 14 जनवरी 1926)
जन्म स्थान: ढाका, तत्कालीन ब्रिटिश भारत (अब बांग्लादेश)
महाश्वेता देवी भारत की महान लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उन्होंने आदिवासी समाज, शोषण और अन्याय को अपनी लेखनी का केंद्र बनाया।
उनकी रचनाएँ हज़ार चौरासी की माँ और अरण्येर अधिकार साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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बिन्देश्वरी दुबे (जन्म: 14 जनवरी 1921)
जन्म स्थान: बिहार, भारत
बिन्देश्वरी दुबे बिहार के मुख्यमंत्री रहे और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने सामाजिक न्याय और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया।
दुर्गा खोटे (जन्म: 14 जनवरी 1905)
जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
दुर्गा खोटे हिंदी और मराठी सिनेमा की पहली शिक्षित अभिनेत्रियों में से एक थीं। उन्होंने महिला कलाकारों को सामाजिक सम्मान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
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ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह (जन्म: 14 जनवरी 1899)
जन्म स्थान: राजस्थान, भारत
ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह को “महावीर चक्र” से सम्मानित किया गया। वे भारतीय सेना के साहसी अधिकारी थे और देश की रक्षा में उनका योगदान अतुलनीय रहा।
सी. डी. देशमुख (जन्म: 14 जनवरी 1896)
जन्म स्थान: महाराष्ट्र, भारत
सी. डी. देशमुख स्वतंत्र भारत के तीसरे वित्त मंत्री थे। उन्होंने भारतीय आर्थिक ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डी. बी. देवधर (जन्म: 14 जनवरी 1892)
जन्म स्थान: पुणे, महाराष्ट्र, भारत
देवधर भारतीय क्रिकेट के स्तंभ माने जाते हैं। उनके नाम पर देवधर ट्रॉफी खेली जाती है।
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अबुल फ़ज़ल (जन्म: 14 जनवरी 1551)
जन्म स्थान: आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत
अबुल फ़ज़ल मुगल सम्राट अकबर के नवरत्नों में से एक थे। आइने-ए-अकबरी और अकबरनामा जैसी कृतियाँ उनकी अमर धरोहर हैं।
