Sunday, March 1, 2026
HomeUncategorizedगोरखपुर विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र का उच्चस्तरीय निरीक्षण

गोरखपुर विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र का उच्चस्तरीय निरीक्षण

नई स्वास्थ्य पहलों पर बनी कार्ययोजना

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वास्थ्य केंद्र का शुक्रवार को उच्चस्तरीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का नेतृत्व कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली, दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था और रोगियों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया गया। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य केंद्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से नियमित स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें विशेष रूप से कामकाजी महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच, चिकित्सीय परामर्श और जागरूकता कार्यक्रम शामिल होंगे। साथ ही सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, महिला स्वास्थ्य, पोषण परामर्श, एनीमिया जांच, रक्तचाप, शुगर सहित अन्य आवश्यक चिकित्सीय जांचों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया।
निरीक्षण के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए शीघ्र ही संविदा आधार पर एक चिकित्सक और एक स्टाफ नर्स की नियुक्ति की जाएगी। इससे स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं का दायरा और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा और डिप्टी सीएमओ डॉ. रंजीत चौरसिया ने संसाधनों के बेहतर उपयोग और विभागीय समन्वय के जरिए सेवाओं के विस्तार पर सुझाव दिए। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे ने विद्यार्थियों के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श की आवश्यकता बताई, जबकि महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह ने महिला स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर संचालित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के समय स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी अलख सिंह, भूपेंद्र सिंह और संतोष कुमार सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के अंत में कुलपति ने कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए सेवाभाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया तथा प्रस्तावित स्वास्थ्य शिविरों और सुधारात्मक कदमों को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए।
इन पहलों से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को परिसर में ही बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments