मऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पवित्र हज यात्रा पर भेजने के नाम पर की गई एक बड़ी ठगी का मामला मऊ जनपद से सामने आया है, जिसने आम लोगों के भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। अदरी नगर पंचायत निवासी अतहर पुत्र स्व. अब्दुल हकीम ने थाना कोपागंज में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनसे हज यात्रा की प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने कुल 7 लाख 84 हजार रुपये की ठगी की गई।
पीड़ित के अनुसार, कस्बा अदरी निवासी मौलवी इमामुद्दीन पुत्र एकबाल अहमद से पारिवारिक और सामाजिक संबंध थे। आरोपी होटल संचालन, मनी ट्रांसफर, टिकट बुकिंग और मदरसे में पढ़ाने जैसे कार्य करता था, जिससे उस पर भरोसा करना स्वाभाविक था। इसी विश्वास के चलते जुलाई 2024 से अगस्त 2025 के बीच चेक और यूपीआई के माध्यम से कई किश्तों में बड़ी रकम उसे सौंपी गई।
आरोप है कि हज के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कराया गया, लेकिन पहली किस्त समय पर जमा नहीं की गई, जिससे आवेदन स्वतः निरस्त हो गया। इसके बाद सितंबर 2025 में चार लाख पांच हजार रुपये नकद लेकर किस्त जमा करने का दावा किया गया, जो बाद में झूठा साबित हुआ। जब पीड़ित ने संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपी का मोबाइल बंद मिला।
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मामला यहीं नहीं रुका। अक्टूबर 2025 में आरोपी के घर पहुंचने पर उसके पिता एकबाल और भाई आरिफ द्वारा गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। काफी प्रयासों के बाद 12 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से थाना कोपागंज में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मौलवी इमामुद्दीन, उसके पिता एकबाल और भाई आरिफ के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला हज यात्रा से जुड़े धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
