अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस कार्रवाई के बाद दुनियाभर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चर्चा हो रही है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भी ट्रंप शांत नहीं दिखे और अब उन्होंने वेनेजुएला की नई नेता डेल्सी रोड्रिग्ज को खुली चेतावनी दी है।
रविवार (4 जनवरी) को द अटलांटिक को दिए इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि डेल्सी रोड्रिग्ज अमेरिकी मांगों को मानने से इनकार करती हैं तो उन्हें इसके बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा,
“अगर डेल्सी रोड्रिग्ज सही फैसला नहीं लेतीं, तो उन्हें मादुरो से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्रशासन अमेरिका के हस्तक्षेप को लेकर किसी भी तरह की अड़ियल नीति को बर्दाश्त नहीं करेगा।
अमेरिकी कार्रवाई का ट्रंप ने किया बचाव
डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में किए गए अमेरिकी एक्शन का बचाव करते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन या नई राजनीतिक व्यवस्था, मौजूदा हालात से बेहतर होगी। उन्होंने कहा,
“वेनेजुएला में जो भी बदलाव होगा, वह मौजूदा स्थिति से बदतर नहीं हो सकता।”
ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका द्वारा गठित टीम फिलहाल वेनेजुएला का संचालन करेगी और यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक वहां के राजनीतिक हालात स्थिर नहीं हो जाते।
क्यूबा सरकार को भी अमेरिका की चेतावनी
वेनेजुएला के बाद अब क्यूबा सरकार भी अमेरिका के निशाने पर नजर आ रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को चेतावनी देते हुए कहा कि क्यूबा गंभीर मुश्किलों में फंस सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा सरकार ने मादुरो को समर्थन दिया है।
ट्रंप के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी संकेत दिए गए कि अगला अमेरिकी दबाव क्यूबा सरकार पर हो सकता है, जिससे लैटिन अमेरिका में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
