लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां बीए की छात्रा ने कथित तौर पर फुफेरे भाई द्वारा दुष्कर्म से आहत होकर अपनी जान दे दी। पीड़िता का इलाज के दौरान बलरामपुर अस्पताल में निधन हो गया। उसके मोबाइल फोन और कपड़ों से मिले सुसाइड नोट ने पूरे मामले को झकझोर कर रख दिया है।
गांव जाने के बाद बिगड़ी हालत
मूल रूप से हरदोई की रहने वाली छात्रा अपने परिवार के साथ लखनऊ के पारा इलाके में रहती थी। पिता सब्जी विक्रेता हैं और बेटी गांव के एक निजी डिग्री कॉलेज से बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी।
परिजनों के अनुसार, 15 दिसंबर को पिता परिवार के साथ गांव चले गए थे, जबकि छात्रा पारा स्थित घर में नानी के साथ थी। इसी दौरान आरोपी फुफेरा भाई, जो पिछले छह वर्षों से उनके घर में रहकर ई-रिक्शा चलाता था, कथित रूप से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया।
सुसाइड नोट से सामने आया सच
18 दिसंबर को छात्रा अचानक गांव पहुंची, लेकिन उसने किसी को कुछ नहीं बताया। 25 दिसंबर को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे पहले निजी अस्पताल और फिर बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद जब परिजनों ने उसका मोबाइल फोन चेक किया तो उसमें सुसाइड नोट की फोटो मिली। इसके अलावा कपड़ों से भी एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में छात्रा ने साफ लिखा कि उसकी मौत के लिए उसके माता-पिता या परिवार नहीं, बल्कि उसका फुफेरा भाई जिम्मेदार है। उसने यह भी उल्लेख किया कि विरोध करने पर आरोपी ने पिता की हत्या की धमकी दी थी।
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पुलिस कार्रवाई की तैयारी
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में है। परिजनों से तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
पिता का दर्द
पीड़िता के पिता ने कहा कि जिस व्यक्ति को उन्होंने अपने घर में रहने की जगह दी, उसी ने उनके भरोसे को तोड़ दिया। परिवार सदमे में है और आरोपी को सख्त सजा की मांग कर रहा है।
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