Saturday, February 28, 2026
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भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को नई धार: पिनाका के नए वैरिएंट का सफल ट्रायल

पिनाका एलआरजीआर-120 का सफल परीक्षण: भारत की स्वदेशी ताकत से बदला एशिया का सैन्य संतुलन


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत ने स्वदेशी रक्षा क्षमता में एक और निर्णायक उपलब्धि हासिल करते हुए ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) का पहला सफल परीक्षण कर लिया है। डीआरडीओ और भारतीय सेना की संयुक्त सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब अत्याधुनिक, लंबी दूरी और सटीक मारक प्रणालियों में आत्मनिर्भर बन चुका है। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने इसी दिन इसे सेना में शामिल करने की मंजूरी दी—जो इस उपलब्धि को और भी ऐतिहासिक बनाता है।
भगवान शिव के धनुष पिनाक से प्रेरित पिनाका रॉकेट सिस्टम एक मल्टी-बैरल, मोबाइल और अत्यंत घातक हथियार मंच है। एक लांचर ट्रक से महज 44 सेकेंड में 12 रॉकेट दागने की क्षमता इसे युद्धक्षेत्र में निर्णायक बढ़त देती है। नई LRGR-120 वैरिएंट में उन्नत गाइडेंस के साथ लंबी दूरी और उच्च सटीकता का मेल है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में रणनीतिक दबदबा मजबूत होता है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, 2021 के बाद क्षेत्र में लंबी दूरी वाले रॉकेट सिस्टम की तैनाती के मद्देनज़र भारतीय सेना ने 120 किमी और 300 किमी रेंज के पिनाका वैरिएंट विकसित करने का अनुरोध किया था। अब एक ही लांचर से अलग-अलग रेंज के पिनाका रॉकेट दागे जा सकेंगे—यह लचीलापन किसी भी सैन्य योजना को अधिक प्रभावी बनाता है।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर डीआरडीओ को बधाई देते हुए कहा कि लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेटों का विकास सशस्त्र बलों की क्षमताओं को नई ऊंचाई देगा। डीआरडीओ चेयरमैन समीर वी. कामत ने भी मिशन टीम की सराहना की। उल्लेखनीय है कि 1999 के कारगिल युद्ध में पिनाका ने अपनी विश्वसनीयता पहले ही साबित कर दी थी। नई LRGR-120 के साथ भारत की स्वदेशी शक्ति और अधिक सशक्त हुई है।

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