Saturday, March 14, 2026
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ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का खुला खेल—फर्जी भुगतान से सरकारी धन की खुली लूट, अफसरों की चुप्पी पर गहराए सवाल


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां विकासखंड की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का खेल लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी पोर्टल पर फर्जी दस्तावेज अपलोड कर धन निकासी करने का नया मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक ब्लाक स्तर के कई अधिकारी और जिले के प्रभावशाली लोग इस भ्रष्टाचार चक्र को संरक्षण दे रहे हैं। अनियमितताओं की शिकायतें लगातार उठती रही हैं, लेकिन जांच कागजों से आगे नहीं बढ़ पाती। नतीजा—सरकारी खजाने की बंदरबांट बिना रोक-टोक जारी है।

ताजा मामला ग्राम पंचायत लुठहवा का है, जहां बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 25 अक्टूबर 2025 को बाउचर संख्या P5 पर 15वें वित्त आयोग की निधि से अजय इंटरप्राइजेज नामक फर्म को ₹89,767 का भुगतान दिखाया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस भुगतान के साथ बिल की जगह ग्राम पंचायत कोहरगड़ी की एक महिला का जन्म प्रमाण पत्र अपलोड किया गया है, जिससे पूरा भुगतान संदेह के घेरे में आ गया है।

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ग्रामीणों का कहना है कि लुठहवा ही नहीं, आसपास की कई ग्राम पंचायतों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां लंबे समय से जारी हैं। शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से भ्रष्टाचारियों के हौसले बढ़े हुए हैं।

पंचायत विशेषज्ञों का कहना है कि पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग न होने से फर्जी भुगतान की संभावनाएं बढ़ गई हैं। विकास कार्यों में होने वाली इस धन की बंदरबांट पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि शासन स्तर से विशेष जांच टीम (SIT) गठित की जाए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

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