मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की मच अवेटेड एक्शन स्पाई-थ्रिलर ‘वॉर 2’ ने शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन किया था. फिल्म ने सिर्फ दो दिनों में 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था, लेकिन इसके बाद इसकी रफ्तार थम गई. रिलीज़ के 7 दिन पूरे होने के बाद भी यह फिल्म 200 करोड़ का आंकड़ा पार करने में संघर्ष कर रही है.

ट्रेड एनालिस्ट्स की राय प्रसिद्ध ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कमजोर कहानी रही. उन्होंने बताया कि ट्रेलर, टीज़र और गानों की वजह से शुरुआती भीड़ तो जुटी, लेकिन लंबे समय तक दर्शकों को बांधे रखने के लिए दमदार कंटेंट जरूरी होता है. ‘वॉर 2’ के मामले में पहले दिन से ही वर्ड ऑफ माउथ निगेटिव रहे, जिसका असर इसकी कमाई पर साफ नजर आ रहा है.

तरण आदर्श का मानना है कि स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी जैसे बड़े छुट्टियों वाले वीकेंड का फिल्म को पूरा फायदा मिलना चाहिए था. लेकिन अगर कोई फिल्म ऐसे मौकों पर भी अच्छा प्रदर्शन न कर पाए, तो इसका मतलब है कि उसमें कंटेंट स्तर पर गंभीर कमी है.

स्पाई-यूनिवर्स से थकान वहीं, सिनेमाघर मालिक और फिल्म विश्लेषक विशेक चौहान ने कहा कि लगातार आ रही स्पाई और यूनिवर्स-बेस्ड फिल्मों से दर्शक अब थक चुके हैं. हॉलीवुड में इसे “सुपरहीरो फैटीग” कहा जाता है और यही थकान भारतीय दर्शकों में भी दिख रही है. ‘टाइगर 3’ और ‘फाइटर’ के कमजोर प्रदर्शन के बाद ‘वॉर 2’ भी उसी राह पर चलती दिख रही है.

स्टारकास्ट भी नहीं बचा पाई फिल्म कुल मिलाकर, दमदार स्टारकास्ट और बड़े पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म की कहानी और ताजगी की कमी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में असफल रही. यही वजह है कि ‘वॉर 2’ धीरे-धीरे बॉक्स ऑफिस पर पिछड़ती जा रही है.