Monday, February 23, 2026
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“राजनीतिक हिंसा की बढ़ती आहट — दस वर्षों में नेताओं पर बढ़ते हमलों की चिंता”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई में हमला

दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार (२० अगस्त २०२५) राष्ट्रीय राजधानी सिविल लाइंस स्थित उनके सरकारी आवास में आयोजित साप्ताहिक ‘जन सुनवाई’ के दौरान हमला हुआ। एक 35 वर्षीय व्यक्ति ने उनके पास आकर काग़ज़ दिखाए और अचानक उनके बाल खींचे और थप्पड़ मारे। हालांकि मुख्यमंत्री को कोई शारीरिक चोट नहीं आई, पर घटना से वे मानसिक रूप से झटके में हैं। आरोपी को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। दिल्ली भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा एवं कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने दोनों ने इस कृत्य की निंदा की और इसमें महिला सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए हैं।

पिछले दस वर्षों (2015–2025) में प्रमुख हमलों का सारांश 2022 अरविंद केजरीवाल के आवास पर हमला दिल्ली CM के घर के गेट पर BJP युवाओं ने तोड़फोड़ की, लाल रंग फेंका; CCTV कैमरा बर्बाद। आठ अभियुक्त गिरफ्तार। मामला अभी न्यायालय में है।
2023 संसद भवन में धुआँ बम विस्फोट लोकसभा सदन में दो घुसपैठियों ने स्मोक कैनिस्टर फेंका—सरकार और सांसदों में हड़कंप। घुसपैठिए पकड़े गए।
2025 (30 जून) असम CM हमलावरता का आरोप असम के CM हिमंता बिस्वा सरकार पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रम में हमला करने का आरोप। विवरण सीमित, जांच जारी।
अन्य घटनाएँ राजनीतिक हिंसा वेस्ट बंगाल के BJP नेता अर्जुन सिंह के घर पर बम फेंके गए, कार को गोलियाँ मारी गईं; साल 2019 तक कई बार उन पर हमला हुआ।
2013 पूर्व नरमाजी नक्सली हमला हालांकि यह घटना दस साल से पूर्व हुई, लेकिन उल्लेखनीय है—2013 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं की गाड़ी पर नक्सलियों ने हमला किया, जिसमें कई नेता मारे गए।

इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि न केवल सीएम या सांसद बल्कि अन्य राजनीतिक हस्तियों तक पर लगातार हमले किए गए—राजनीतिक हिंसा की प्रवृत्ति चिंतनीय रूप से बढ़ी है।

कुछ विवरण उतर प्रदेश से भी है जो राजनीतिक व्यक्तियों के साथ पत्रकार भी शामिल है।

2015 पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या (फीसिपी वायवी गो)
2015 दादरी lynching (मोहम्मद अखलाक की हत्या)
2018 कासगंज हिंसा (घोषणादायक झड़प, १ हत्या, थाने की भावनाएं)
2021 मेरठ में BDC प्रत्याशी पर हमला
2021 लखीमपुर खीरी हिंसा (किसानों व राजनीतिक चरित्रों की हत्या)
2025 मई पोस्ट-पोल हिंसा: कार्यकर्ताओं की हत्या और हमले
2025 अप्रैल यूपी सीएम को बम धमकी खत
2025 अगस्त स्वामी प्रसाद मौर्य पर हमला

इस पर हम सभी को विचार करना होगा तभी हम आधुनिक भारत की नींव मजबूत कर पाएंगे सुरक्षा व्यवस्था और संवैधानिक ढांचे को मज़बूत करना — राजनीतिक व्यक्तियों और आमजन को सुरक्षित माहौल प्रदान करना। नागरिक जागरूकता और सतर्कता — सभी को मिलकर रुझानों को समझना और लोकतांत्रिक संस्थानों की रक्षा करना चाहिए।राजनीय सौहार्द और संवाद — कट्टरवाद की जगह संवाद, सहिष्णुता और संवेदनशीलता अपनाई जाए।

कानूनी कार्रवाई में पारदर्शिता — आरोपितों को कानून के दायरे में लाना और त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना जरूरी है।राजनीतिक हिंसा में वृद्धि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए घातक संकेत है। इन घटनाओं से महिला सुरक्षा, विधायिका एवं कार्यपालिका की सुरक्षा, और आम जन की सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। यह समय है जब राजनीतिक वर्ग और व्यवस्था को मिलकर ऐसे वातावरण को रोकने और संवैधानिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए।

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