जलभराव और जर्जर स्थिति से पठन-पाठन बाधित, विद्यालय प्रबंध समिति ने उठाई आवाज

सादुल्लानगर/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। कंपोजिट विद्यालय अलाउद्दीनपुर आज एक गंभीर अव्यवस्था का सामना कर रहा है। विद्यालय का पुराना भवन, जो वर्ष 1989 के आसपास निर्मित हुआ था, अब पूरी तरह से जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। क्षेत्रीय लोगों और विद्यालय प्रबंध समिति के अनुसार भवन की नींव अब करीब दो फीट तक नीचे धँस चुकी है, जिससे हर बरसात में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।
विद्यालय परिसर में जलभराव के कारण न सिर्फ बच्चों को बैठने में कठिनाई होती है, बल्कि कई बार कक्षाएं तक स्थगित करनी पड़ती हैं। इसके चलते शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो रही है और बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2018 में पुराने भवन की नीलामी हो चुकी है और उसके बाद से नए भवन के निर्माण की बात कई बार उठ चुकी है। लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकगणों में निराशा है।
विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष मोहम्मद समीर, ग्राम प्रधान अहमद अली, और समिति के सक्रिय सदस्य सियाराम सरोज, छेदी, सतीश कुमार, लक्ष्मण, मेवालाल, गुरु प्रसाद, पप्पू, राजेश कुमार, और श्यामलाल आदि ने मिलकर संबंधित शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय के लिए जल्द से जल्द नया भवन निर्मित कराया जाए।
समिति के सदस्यों ने कहा कि जब देशभर में ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ लागू है, तो ऐसे में सरकारी विद्यालयों की यह उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलनात्मक रास्ता अपनाने पर भी विचार किया जाएगा।