दिवाली पर 62,000 टन बारूद जलाया गया! रूस-यूक्रेन जंग की तीन दिन की बमबारी के बराबर आतिशबाजी, प्रदूषण ने तोड़े सभी रिकॉर्ड


विश्व (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत में इस बार दिवाली पर पटाखों का धमाका सिर्फ आसमान में ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय आंकड़ों में भी गूंजा। पर्यावरण एजेंसी एनर्जी एंड क्लाइमेट इंटेलिजेंस यूनिट (ECIU) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुमानों के मुताबिक, दीपावली 2025 की रात देशभर में करीब 62,000 टन बारूदी सामग्री जलाई गई। यह आंकड़ा 2024 की तुलना में 13% अधिक है।

आश्चर्यजनक रूप से, यह मात्रा रूस-यूक्रेन युद्ध की तीन दिन की बमबारी (72 घंटे) के बराबर बताई जा रही है। यानी सिर्फ एक रात की दिवाली में भारत ने जितना बारूद जलाया, वह युद्ध के एक दिन की पूरी बारूदी खपत से लगभग तीन गुना (295%) अधिक रहा।

यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने भारत के सांस्कृतिक उत्सव की तुलना एक वैश्विक युद्ध के बारूदी पैमाने से की है। ईसीआईयू, TERI, CSIR और NEERI के आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई और जयपुर जैसे 12 प्रमुख शहरों में आतिशबाजी की मात्रा 61,500 से 63,000 टन के बीच रही।

यह भी पढ़ें – PNB को तीसरी तिमाही में 1,500 करोड़ की ट्रेजरी आय की उम्मीद

रासायनिक और पर्यावरणीय विश्लेषण
ईसीआईयू की रिपोर्ट के अनुसार, आतिशबाजी और युद्ध के विस्फोटों में रासायनिक रूप से काफी समानता है। दोनों से उच्च तापमान, धात्विक मिश्रण और जहरीली गैसों का उत्सर्जन होता है।

पटाखों का तापमान: 1,400°C

युद्धक बमों का तापमान: 2,800°C
दीपावली की रात लगभग 4.2 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में छोड़ी गई, जबकि रूस-यूक्रेन युद्ध से औसतन 1.9 लाख टन CO₂ प्रतिदिन उत्सर्जित होती है।

48 घंटे तक दमघोंटू हवा
नीरी के अनुसार, दिवाली के बाद हवा में मौजूद धुआं और सूक्ष्म कण (PM 2.5, PM 10, SO₂, NOx) 36 से 48 घंटे तक वातावरण में बने रहते हैं। दिल्ली, कानपुर और जयपुर जैसे शहरों में यह प्रभाव तीन दिन तक कायम रहा। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को सामान्य स्तर पर लौटने में कम से कम दो दिन लगते हैं।
दीपावली भले ही रोशनी का त्योहार है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इस बार का उत्सव प्रदूषण और बारूद के रिकॉर्ड तोड़ गया। यह रिपोर्ट सांस्कृतिक आनंद और पर्यावरणीय विनाश के बीच की पतली रेखा को समझने की चेतावनी देती है।

यह भी पढ़ें – पुलिस को बड़ी सफलता: ₹50,000 का इनामी बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार, अवैध असलहा बरामद

Karan Pandey

Recent Posts

प्याज-चीनी की महंगाई से बढ़ी रसोई की चिंता, क्या बफर स्टॉक बनेगा किसान-उपभोक्ता संतुलन का समाधान?

रसोई में महंगाई का तड़का: प्याज 70 रुपये पार, चीनी की तेजी ने बढ़ाई चिंता;…

23 hours ago

औद्योगिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने समझी उद्योग जगत की कार्यप्रणाली

बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा)। कक्षा में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक…

1 day ago

राखी का संदेश

✍️ विजय गुंजन स्नेह है, अनुराग है, पवित्रता का बंधन है,ममता भरे एक धागे का…

1 day ago

रक्षा बंधन: रिश्तों की डोर से राष्ट्र की परम्परा तक

नवनीत मिश्र रक्षा बंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के…

2 days ago

रॉयल्टी के छह गुना दंड से परेशान पीडब्ल्यूडी ठेकेदार, कार्य बहिष्कार की तैयारी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश के ठेकेदार रॉयल्टी से जुड़े मामलों…

2 days ago

भाई-बहन का स्नेहाकाश

✍️ संजय एम. तराणेकर कलाई पर बंधता धागा है,पर बंधता है उससे विश्वास,बहन की आँखों…

2 days ago