मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा)
मानवता के आदि पिता, ब्रह्माकुमारीज़ के संस्थापक, विश्व परिवर्तन के लिए ईश्वर के माध्यम, त्याग, तपस्या और सेवा की मूर्ति जिन्हें मानते हैं।ऐसें प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 55 स्मृति दिवस मुंबई के ब्राह्मकुमारी केंद्र मे मनाया गया। 18 जनवरी 1969 को ब्रह्मा बाबा अपना शरीर त्याग दिए। उनके 55 वें स्मृति दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
अँधेरी पश्चिम लोखंडवाला में ब्रह्माकुमारी केंद्र में क्रिनादीदी, हर्षदीदी, संध्यादीदी के मार्गदर्शन में सुबह से शाम तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिनमें सुबह योग, मुरली क्लास, बापदादा को प्रसाद, योग तपस्या, बापदादा को प्रसाद, ब्रह्मा भोजन और शाम 5 बजे से मधुबन से सीधा प्रसारण।
प्रजापिता ब्रह्मबाबा का 55वां स्मृति दिवस मनाया गया। इस मौके पर बाबा के अनुयायी परिवार सहित मौजूद रहे।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0)/जिला जनगणना अधिकारी जयप्रकाश द्वारा भारत की…
डॉ. शशि बाला सिंह ने किया शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का मूल्यांकन गोरखपुर (राष्ट्र की…
"मां का सम्मान उसकी ममता की पहचान है मातृ दिवस पर दिल यह कहे मां…
प्रदेश की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी बनी मिसाल पटना(राष्ट्र की परम्परा)बिहार की शिक्षा व्यवस्था…
गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि से महंगाई बड़ेगी-विजय रावत बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) शुक्रवार को…
खाड़ी देशों में रोजगार के नए अवसर, पूर्वांचल के युवाओं में बढ़ा उत्साह घनश्याम तिवारी…