परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ ने शिक्षा विभाग को सौंपा ज्ञापन
पटना (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार में चल रही शिक्षक समानुपातीकरण एवं स्थानांतरण प्रक्रिया में सामने आ रही विसंगतियों के समाधान की मांग को लेकर परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ ने शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने स्थानांतरण प्रक्रिया में प्रभावित शिक्षकों की समस्याओं का मानवीय आधार पर निराकरण करने की अपील की है।महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार एवं प्रदेश संगठन महामंत्री शिशिर कुमार पांडेय ने कहा कि वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया में कई शिक्षक लंबे समय से अपने गृह जिले से दूरस्थ विद्यालयों में कार्यरत हैं। वहीं, कई शिक्षकों को रिक्त पद उपलब्ध नहीं होने के कारण स्थानांतरण का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी से पीड़ित, दिव्यांग, पति-पत्नी एक ही स्थान पर पदस्थापन के पात्र तथा विशेष पारिवारिक परिस्थितियों वाले शिक्षकों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए। इससे शिक्षकों को राहत मिलेगी और वे बेहतर वातावरण में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।प्रदेश मीडिया प्रभारी मृत्युंजय ठाकुर ने कहा कि शिक्षक समाज की समस्याओं का समाधान पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो, इसके लिए महासंघ लगातार अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि विभाग यदि शिक्षकों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेता है तो इससे शिक्षकों का विश्वास बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।महासंघ ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में उत्पन्न सभी विसंगतियों का शीघ्र समाधान करते हुए पात्र शिक्षकों को न्यायसंगत अवसर उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने शैक्षिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
