रोहिन नदी के कटान से तटबंध पर मंडराया खतरा, ग्रामीणों की बढ़ी धड़कन

आरआरसी सेंटर के पास तेज बहाव से लगातार कट रहा तटबंध, बारिश जारी रही तो गांव में घुस सकता है पानी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां ब्लॉक क्षेत्र के रतनपुर- रोंहिन बैराज के पश्चिम स्थित परसा सुमाली गांव में रोंहिन नदी के बढ़ते जल स्तर और तेज बहाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले तीन दिनों से पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के बाद नदी का जल स्तर बढ़ने से गांव के सामने स्थित तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ गया है। आरआरसी सेंटर के समीप नदी तेजी से कटान कर रही है, जिससे तटबंध का हिस्सा लगातार कमजोर होता जा रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
रोहिन नदी के जल स्तर में वृद्धि के साथ ही नदी की धारा भी तेज हो गई है। तेज बहाव सीधे तटबंध के किनारे टकरा रहा है। इसके चलते आरआरसी सेंटर के पास मिट्टी कट कर नदी में समा रही है। कटान का दायरा बढ़ने से तटबंध की मजबूती को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीण लगातार नदी और तटबंध की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
परसा सुमाली गांव के सामने स्थित तटबंध ग्रामीणों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है। नदी का पानी गांव की आबादी की ओर न पहुंचे, इसके लिए तटबंध की मजबूती बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लेकिन आरआरसी सेंटर के पास हो रहे कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों के मुताबिक नदी का बहाव इसी तरह तेज रहा और बारिश का सिलसिला जारी रहा तो कटान और बढ़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि अभी कटान को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित कर लिया जाए तो बड़े नुकसान की आशंका को टाला जा सकता है। इसके लिए कटान वाले हिस्से में तत्काल बचाव सामग्री डालने के साथ तटबंध की मरम्मत और मजबूत करने का कार्य जरूरी है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने की मांग की है।
ग्रामीणों को सबसे अधिक चिंता इस बात की है कि पहाड़ी क्षेत्र में बारिश बढ़ने पर रोहिन नदी का जल स्तर और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में नदी के तेज बहाव का दबाव तटबंध पर और बढ़ेगा। यदि कटान वाला हिस्सा और कमजोर हुआ अथवा तटबंध क्षति ग्रस्त हुआ तो नदी का पानी गांव की ओर पहुंच सकता है। पानी गांव में प्रवेश करने की स्थिति में घरों के आस-पास जल- भराव के साथ संपर्क मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं। इससे ग्रामीणों के आवागमन, पशुओं की सुरक्षा और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान होने की आशंका ग्रामीण जता रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान स्थल का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल निरीक्षण ही नहीं, बल्कि संवेदनशील हिस्से में तत्काल बचाव कार्य भी शुरू कराया जाना चाहिए। नदी के जल स्तर में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए तटबंध की निगरानी के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की तैनाती करने की मांग भी उठाई गई है।
ग्रामीणों के अनुसार यदि समय रहते तटबंध को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया जाए तो संभावित खतरे को कम किया जा सकता है। इसके लिए कटान प्रभावित हिस्से में जरूरी सुरक्षा सामग्री लगाकर नदी की धारा के सीधे दबाव को कम करना आवश्यक है। रोंहिन नदी के बढ़ते जल स्तर के बीच परसा सुमाली गांव के ग्रामीण अब प्रशासन की ओर देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ अथवा तटबंध टूटने जैसी स्थिति आने के बाद राहत कार्य शुरू करने के बजाय पहले से ही संवेदनशील स्थल को सुरक्षित किया जाना जरूरी है। आरआरसी सेंटर के समीप जिस तेजी से कटान हो रहा है, उसे देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि फिलहाल सबसे जरूरी कार्य कटान को रोकना और तटबंध को मजबूत करना है। यदि बारिश और नदी का जल स्तर आगे भी बढ़ता है तो समय रहते की गई कार्रवाई ही गांव को संभावित जल-भराव से बचा सकती है।

rkpshomnath

Recent Posts

मगहर कताई मिल को टेक्सटाइल पार्क बनाने की तैयारी तेज, 18 एकड़ अतिरिक्त जमीन की तलाश

स्थानीय किसानों से डीएम ने की वार्ता, जमीन की स्थिति और उपयुक्तता की रिपोर्ट मांगी…

31 minutes ago

राष्ट्रीय ध्वज और सपा के झंडे के साथ रामगोविंद चौधरी को अंतिम सलामी

नम आंखों से दी अंतिम विदाईगार्ड ऑफ ऑनर के बाद निकली अंतिम यात्रा, सरयू तट…

37 minutes ago

नारायणी उफनाई, 350 परिवारों पर बाढ़ का खतरा,गंडक बैराज से 4.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बढ़ी चिंता

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। चार दिनों से लगातार हो रही अतिवृष्टि और गंडक बैराज से…

45 minutes ago

आंधी-बारिश का कहर,पेड़ और मकान गिरे,चार की मौत

निचलौल में युवक, फरेंदा में बुजुर्ग महिला और सदर में दंपती की गई जान, डीएम…

49 minutes ago

नदियों के तेवर तल्ख, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर; कई इलाकों पर बाढ़ का दबाव

कुशीनगर में गंडक खतरे के मुहाने पर, बूढ़ी राप्ती समेत सात नदियां खतरे के निशान…

58 minutes ago

देवरिया में चला बहू-बेटी अभियान, महिलाओं को अधिकार और कानूनों की दी जानकारी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत रविवार को जिले…

1 hour ago