लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुए इस मुकाबले में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है। अब तक घोषित 8 सीटों में भाजपा ने 5 पर जीत दर्ज की है, जबकि समाजवादी पार्टी ने 3 सीटें अपने नाम कर ली हैं। वहीं, शेष 3 सीटों पर मतगणना के दौरान मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की हो रही है, जहां भाजपा को शिक्षक सीट गंवानी पड़ी है और स्नातक सीट पर भी सपा बढ़त बनाए हुए है।

चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि विधान परिषद की इन सीटों पर दोनों प्रमुख दलों ने पूरी ताकत झोंकी थी। भाजपा ने कई सीटों पर अपना दबदबा कायम रखा, तो सपा ने भी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल कर अपनी मौजूदगी मजबूत की है। अब सबकी नजरें उन तीन सीटों पर टिकी हैं, जहां अंतिम परिणाम चुनावी तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे।

वाराणसी में भाजपा को झटका, लाल बिहारी यादव की जीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में समाजवादी पार्टी ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर जीत दर्ज कर भाजपा को बड़ा झटका दिया है। सपा के लाल बिहारी यादव को 10,958 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 वोट प्राप्त हुए। इस तरह सपा ने वाराणसी शिक्षक सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी सपा के आशुतोष सिन्हा भाजपा के केदारनाथ सिंह से आगे चल रहे हैं। ऐसे में वाराणसी की दोनों सीटों पर सपा का प्रदर्शन भाजपा के लिए राजनीतिक चुनौती बन गया है।

इलाहाबाद-झांसी में सपा की बड़ी जीत

इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के डॉ. मान सिंह यादव ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। उपलब्ध नतीजों के अनुसार, डॉ. मान सिंह यादव ने 27,663 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस परिणाम से सपा को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली है और भाजपा को इस सीट पर झटका लगा है।

मेरठ में भाजपा का दबदबा कायम

मेरठ में भाजपा ने शिक्षक और स्नातक, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज कर अपना प्रभाव बनाए रखा। शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा विजयी हुए, जबकि स्नातक सीट पर दिनेश गोयल ने जीत हासिल की। दोनों सीटों पर भाजपा की सफलता ने पार्टी को मजबूती दी है। मेरठ का परिणाम भाजपा के लिए राहत भरा रहा, जबकि सपा को यहां निराशा हाथ लगी।

बरेली-मुरादाबाद में डॉ. हरि सिंह ढिल्लों की शानदार जीत

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर को बड़े अंतर से हराया। डॉ. ढिल्लों को 21,672 वोट मिले, जबकि सपा प्रत्याशी को 3,996 वोट प्राप्त हुए। इस तरह भाजपा उम्मीदवार ने 17,676 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। पांच दौर की मतगणना के बाद नतीजा स्पष्ट हुआ और भाजपा ने इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

लखनऊ शिक्षक सीट पर उमेश द्विवेदी की हैट्रिक

लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की। उन्हें पहली वरीयता के 12,508 वोट मिले। उन्होंने सपा प्रत्याशी सुशील कुमार को छह हजार से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया। मतगणना के दौरान सपा समर्थकों ने कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके कारण आधिकारिक घोषणा में देरी हुई।

आगरा में भाजपा और सपा, दोनों को मिली जीत

आगरा में मुकाबला दोनों दलों के लिए अहम रहा। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के मानवेंद्र सिंह ने जीत दर्ज की, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के आकाश अग्रवाल विजयी हुए। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आकाश अग्रवाल को 14,046 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी को 9,783 वोट प्राप्त हुए। शिक्षक सीट पर सपा की जीत ने पार्टी के प्रदर्शन को मजबूती दी, वहीं स्नातक सीट जीतकर भाजपा ने भी अपना खाता मजबूत रखा।

अब तीन सीटों पर नजर, किसका पलड़ा भारी?

मतगणना के उपलब्ध रुझानों के अनुसार, शेष तीन सीटों पर भाजपा और सपा के बीच मुकाबला रोचक बना हुआ है। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी आगे चल रहे हैं। शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त बनाई है, हालांकि यहां मुकाबला कड़ा बताया जा रहा है।

वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के आशुतोष सिन्हा बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं, लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा की कांति सिंह के आगे रहने की खबर है। इन रुझानों के मुताबिक, भाजपा एक सीट पर और सपा दो सीटों पर आगे है। हालांकि, मतगणना पूरी होने और आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

2027 से पहले सियासी ताकत की परीक्षा

उत्तर प्रदेश की 11 एमएलसी सीटों के चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा की राजनीतिक ताकत परखने के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा ने अब तक पांच सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत रखी है, जबकि सपा की तीन जीत ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। वाराणसी में भाजपा को लगा झटका और इलाहाबाद-झांसी में सपा की जीत राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है। अब बाकी तीन सीटों के नतीजों से साफ होगा कि इस मुकाबले में कौन-सा दल अपनी बढ़त और मजबूत कर पाता है।