बजट 2026: इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, स्वास्थ्य और महिलाओं पर फोकस—पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार नौवीं बार आम बजट पेश किया। बजट 2026 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, रेल, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। हालांकि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, वहीं 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागू होने और आईटीआर फाइलिंग को सरल बनाने की घोषणा की गई। सरकार जहां इसे “विकासोन्मुखी और दीर्घकालिक” बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे “फर्जी और आम जनता से कटा हुआ” करार दिया है।
नीचे बजट 2026 की प्रमुख घोषणाएं, सेक्टर-वाइज असर और पक्ष-विपक्ष की प्रतिक्रियाओं के साथ विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर पर ऐतिहासिक निवेश
सरकार ने देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स, जलमार्ग और शहरी परिवहन को इस निवेश से गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह खर्च रोजगार सृजन, निजी निवेश को प्रोत्साहन और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करेगा।
हाई-स्पीड रेल: 7 नए कॉरिडोर
बजट 2026 में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है:
मुंबई–पुणे
पुणे–हैदराबाद
चेन्नई–हैदराबाद
बेंगलुरु–चेन्नई
बेंगलुरु–दिल्ली
दिल्ली–वाराणसी
वाराणसी–सिलीगुड़ी
इन कॉरिडोर से बड़े औद्योगिक और शहरी क्लस्टर्स के बीच यात्रा समय घटेगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
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नॉर्थ ईस्ट में 4000 इलेक्ट्रिक बसें
ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देते हुए सरकार ने नॉर्थ ईस्ट में 4000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला किया है। इससे प्रदूषण कम होगा, ईंधन आयात पर निर्भरता घटेगी और स्थानीय रोजगार पैदा होंगे। ई-बस डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस नेटवर्क पर भी निवेश किया जाएगा।
टेक्सटाइल, रेशम-जूट और राष्ट्रीय फाइबर योजना
देश में मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। साथ ही रेशम और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी, जिससे किसानों, बुनकरों और MSME सेक्टर को लाभ मिलेगा। वैल्यू-एडिशन, निर्यात और आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर रहेगा।
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जलमार्ग और केमिकल पार्क
अगले 5 साल में 20 नए जलमार्ग विकसित किए जाएंगे।
देश में 3 नए केमिकल पार्क स्थापित होंगे, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य: आयुर्वेदिक एम्स, मेडिकल सेंटर और सस्ती दवाएं
बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत दी गई:
3 आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना
5 नए रीजनल मेडिकल सेंटर
कैंसर समेत गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती
कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी शून्य
बुजुर्गों के लिए 1.5 लाख नए केयर/सेवा केंद्र
सरकार का कहना है कि इससे इलाज की लागत घटेगी और दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी।
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बायो-फार्मा और सेमीकंडक्टर पर बड़ा दांव
बायो-फार्मा सेक्टर के लिए 5 साल में 10,000 करोड़ रुपये
सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए 40,000 करोड़ रुपये
इन निवेशों का उद्देश्य भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत बनाना और आत्मनिर्भर भारत को गति देना है।
शिक्षा और स्किल: क्रिएट लैब और छात्रावास
15,000 स्कूलों और 5,000 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएट/क्रिएट लैब
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हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल
इससे डिजिटल स्किल, क्रिएटिव इकोनॉमी और महिला शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं के लिए नई योजनाएं
लखपति दीदी के बाद सरकार ने नई ‘बी-सिमट’ योजना का ऐलान किया है। इसके तहत महिलाओं को कारोबार के लिए कम ब्याज पर बैंक लोन मिलेगा। महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूह और स्टार्टअप्स को इससे सहारा मिलने की उम्मीद है।
बौद्ध सर्किट और पर्यटन
सरकार 6 राज्यों में बौद्ध सर्किट विकसित करेगी। इससे धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
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आयकर और आईटीआर
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागू
आईटीआर फाइलिंग अब 31 जुलाई तक
कर प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाया जाएगा
सरकार का कहना है कि सरल नियमों से टैक्स कंप्लायंस बढ़ेगा।
आत्मनिर्भर भारत
आत्मनिर्भर भारत के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। घरेलू उत्पादन, MSME और इनोवेशन पर फोकस रहेगा।
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विपक्ष की प्रतिक्रिया: तीखा हमला
कांग्रेस ने बजट को “फर्जी बजट” बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि घोषणाओं का जमीनी असर नहीं होगा और शेयर बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि “यह बजट आम लोगों के लिए नहीं, सिर्फ 5% लोगों के लिए है। महंगाई, बेरोजगारी और किसानों पर ठोस राहत नहीं दिखती।”
सरकार का पक्ष: विकास और स्थिरता
सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बजट 2026 दीर्घकालिक विकास, रोजगार और निवेश के लिए रोडमैप है। इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और टेक्नोलॉजी में संतुलित निवेश से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
निष्कर्ष
बजट 2026 में टैक्स राहत न होने से मध्यम वर्ग निराश दिख सकता है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, स्वास्थ्य, महिलाओं और हाई-टेक सेक्टर पर बड़े निवेश से अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक बढ़त मिलने की संभावना है। अब असली परीक्षा इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की होगी—यहीं से तय होगा कि यह बजट जमीन पर कितना असरदार साबित होता है।
