पीएमओ अधिकारी बनकर नबान्न में घुसी महिला गिरफ्तार, दिल्ली से बंगाल लाई गई; अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच तेज
हावड़ा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पश्चिम बंगाल के राज्य प्रशासनिक मुख्यालय नबान्न में खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की अधिकारी बताकर प्रवेश करने और प्रशासनिक सूचनाएं जुटाने के आरोप में पुलिस ने दिल्ली की रहने वाली आकांक्षा विद्यार्थी को गिरफ्तार किया है। फर्जी पहचान सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग की शिकायत पर शिबपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला का वास्तविक मकसद क्या था और उसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आकांक्षा विद्यार्थी पूर्व निर्धारित समय पर नबान्न पहुंची थीं। वहां उन्होंने लोक निर्माण मंत्री अजय पोद्दार और विभागीय अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खुद को पीएमओ की अधिकारी बताते हुए विभाग से जुड़ी कई प्रशासनिक जानकारियां हासिल करने की कोशिश की।
महिला की बातचीत और व्यवहार को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद उनकी पहचान और दावे की जांच की गई, जिसमें पीएमओ अधिकारी होने की बात गलत पाई गई। मामला सामने आते ही महिला नबान्न से निकल गई। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से शिबपुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत मिलने के बाद हावड़ा सिटी पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की। तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस ने महिला की दिल्ली में मौजूदगी का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को दिल्ली की अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को शुक्रवार सुबह हवाई मार्ग से हावड़ा लाया गया।
आकांक्षा विद्यार्थी को अब हावड़ा अदालत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस उससे पूछताछ कर यह जानने का प्रयास करेगी कि नबान्न में प्रवेश करने के पीछे उसका उद्देश्य क्या था और उसने किन-किन जानकारियों को हासिल करने की कोशिश की।
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आरोपी महिला अकेले काम कर रही थी या उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति अथवा संगठन का संबंध है। पुलिस को मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क की संभावित भूमिका का संदेह है और इसी दिशा में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला ने नबान्न में खुद को पीएमओ अधिकारी बताने के लिए किन दस्तावेजों या पहचान का इस्तेमाल किया। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पूछताछ के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
