
दिल्ली में प्रदूषण पर सरकार का बड़ा प्लान, 30 ईवी रोड स्वीपर खरीदने को मंजूरी; IIT-दिल्ली से होगी PM2.5-PM10 की रियल टाइम निगरानी
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदूषण के स्रोतों की वैज्ञानिक निगरानी से लेकर सड़कों की यांत्रिक सफाई व्यवस्था मजबूत करने तक कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई।
सरकार ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के सहयोग से पीएम2.5 और पीएम10 जैसे प्रदूषक कणों के स्रोतों की वास्तविक समय में निगरानी और पहचान की व्यवस्था विकसित करने का फैसला किया है। इसके जरिए यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण किन स्रोतों से बढ़ रहा है।
बैठक में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को 30 इलेक्ट्रिक वाहन आधारित यांत्रिक रोड स्वीपिंग मशीन खरीदने के लिए अनुदान देने को भी मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य सड़कों से धूल हटाने की व्यवस्था को मजबूत करना है। यांत्रिक सफाई को मुख्य सड़कों के साथ-साथ छोटी सड़कों और अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तार देने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इन फैसलों का मकसद धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ-साथ प्रदूषण के अलग-अलग स्रोतों की वैज्ञानिक और रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित करना है। इलेक्ट्रिक रोड स्वीपर के इस्तेमाल से सड़क सफाई व्यवस्था को प्रदूषण नियंत्रण की व्यापक रणनीति से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
बैठक के दौरान विभिन्न दलों के पार्षदों ने भी राजधानी में प्रदूषण से जुड़े कई मुद्दे उठाए। निर्माण गतिविधियों, कचरा संग्रहण, खुले में कचरा जलाने और श्मशान घाटों से होने वाले संभावित प्रदूषण को लेकर सदस्यों ने चिंता जताई।
भाजपा पार्षदों का कहना था कि केवल निर्माण स्थलों का चालान करने से प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने निर्माण सामग्री की बिक्री करने वाली दुकानों और उससे जुड़े स्रोतों पर भी निगरानी बढ़ाने की मांग रखी।
वहीं, कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने कई वार्डों में कचरा उठाने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि कुछ इलाकों में नियमित कचरा संग्रहण नहीं हो रहा और कई बार दो से तीन दिन के अंतराल के बाद कचरा उठाया जाता है। पार्षदों ने इसे भी प्रदूषण और स्वच्छता से जोड़कर तत्काल सुधार की जरूरत बताई।
करीब डेढ़ घंटे चली बैठक के दौरान शाम लगभग सवा चार बजे सदन में उस समय व्यवधान की स्थिति बन गई, जब बैठक में पहले अनुपस्थित रहे आम आदमी पार्टी के पार्षद सदन में पहुंचे। उन्होंने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया, जिसके कारण बैठक की कार्यवाही प्रभावित हुई।
दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता को लेकर हर साल गंभीर चुनौती सामने आती है। ऐसे में पीएम2.5 और पीएम10 के स्रोतों की रियल टाइम निगरानी तथा ईवी आधारित यांत्रिक सफाई मशीनों की खरीद को प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियों के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।
