देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के ग्राम बथनी बाबू क्षेत्र में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से किसानों को पिछले लगभग 10 वर्षों से गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में जलभराव के कारण लगभग 200 से 250 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है, जिससे किसानों की खड़ी फसलें नष्ट हो रही हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि बारिश का पानी पिपरा चन्द्रभान और धमऊट होते हुए सोनूघाट (देवरिया) की ओर बहता है। पहले यह पानी बरहज तहसील क्षेत्र स्थित गडेर ताल के पुराने जलनिकासी मार्ग से आगे निकल जाता था, लेकिन पिछले कई वर्षों से यह मार्ग अवरुद्ध होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी का रास्ता बंद होने से हर वर्ष खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहता है, जिससे धान सहित अन्य फसलें बर्बाद हो जाती हैं। लगातार हो रहे नुकसान से क्षेत्र के किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले का शीघ्र संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से स्थलीय निरीक्षण कराया जाए तथा जलनिकासी के पुराने मार्ग को अतिक्रमण एवं अवरोध से मुक्त कराकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि किसानों की कृषि भूमि को जलभराव से बचाया जा सके।
प्रार्थना पत्र सौंपने वालों में देवेन्द्र कुशवाहा, चन्द्रमोहन, अरुण, सत्यप्रकाश, केदारनाथ, बिपुल, अजीत, अखिलेश, गुलशन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।
