गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार के पंजाबी अकादमी द्वारा गोरखपुर शहर के प्रमुख गुरुद्वारा में आयोजित कार्यक्रम में सबसे कम आयु की अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया को चार साहबजादे गौरव सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। उक्त सम्मान बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया द्वारा किए जा रहे सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार एवं निरंतर श्रीमद भागवत कथा के माध्यम से जन जन में धार्मिक एवं नव जागरण के लिए प्रदान किया गया है। मालूम हो कि पांच वर्ष की आयु में ही श्वेतिमा ने भागवत कथा के मुख्य सार को कंठस्थ कर ली थी। मौके पर श्वेतिमा ने कहा कि ” पांच हजार वर्ष पुरानी हमारी सभ्यता में सनातन की भूमिका अविस्मरणीय रही है , सनातनी सदैव से वसुदेव कुटुंबकम् के सिद्धांत पर चलते रहे हैं, वेद हमारी सभ्यता और संस्कृति का पौराणिक संविधान है। हम तो ईश्वर के प्रति नतमस्तक हैं कि उन्होंने विश्व कल्याण के लिए मुझे चुना। मैं भागवत कथा के द्वारा हर सनातनी के नसों में रक्त की भांति बहती रहूंगी। अपने गुरु के साथ साथ श्वेतिमा ने अपने माता पिता के प्रति आभार जताया। ज्ञातव्य हो कि बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया के पिता सौहार्द शिरोमणि संत डा सौरभ धराधाम अंतराष्ट्रीय केंद्र प्रमुख हैं तथा माताजी डा .रागिनी पाण्डेय समाजसेवी तथा देहदानी हैं। कार्यक्रम में पंजाबी रंगमंच पटियाला के दर्जनों अंतर्राष्ट्रीय कलाकार सिख धर्म के इतिहास पर अपनी सजीव प्रस्तुति दी।पूरा शहरवासी इस प्रस्तुति पर भक्ति मय हो गए। इस दौरान कार्यक्रम के संयोजक उत्तर प्रदेश सरकार के पंजाबी अकादमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू , गुरुद्वारा जटाशंकर के अध्यक्ष जसपाल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर, गुरमन कौर, मंजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, राजेश गुप्ता, चरणजीत सिंह,शैलेश त्रिपाठी,कुलदीप पाण्डेय ,एकता गोरखपुरी आदि हजारों गणमान्य उपस्थित थे।
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