Israel-US Iran War: Israel-United States और Iran के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात ने भारत में कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर वे अभिभावक जिनके बच्चे तेहरान, कोम और उर्मिया जैसे शहरों में पढ़ाई कर रहे हैं, लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया, टीवी और अखबारों के जरिए हालात पर नजर रखी जा रही है। बमबारी की खबरों से परिजन व्याकुल हैं, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें भारत सरकार पर पूरा भरोसा है कि जरूरत पड़ने पर उनके बच्चों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जाएगा।
कोम में पढ़ रहे सलमान रजा, परिवार की बढ़ी चिंता
जामिया नगर निवासी कमर अब्बास ने बताया कि उनका बेटा सलमान रजा (28) वर्ष 2019 से ईरान के कोम शहर में पढ़ाई कर रहा है। शनिवार को जब हमलों की खबर आई तो परिवार घबरा गया।
शुरुआत में संपर्क नहीं हो पाया क्योंकि इंटरनेट सेवा बाधित थी। बाद में सलमान ने बताया कि शहर में बमबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं, लोग सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं और प्रशासन ने छात्रों को हॉस्टल के अंदर रहने की सलाह दी है।
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संचार व्यवस्था प्रभावित, लेकिन हौसला बरकरार
ओखला विहार के मौलाना कमर हुसैन का बेटा मुर्तुजा (25) भी कोम में इस्लामिक पढ़ाई कर रहा है। जंग के बीच कई बार संपर्क की कोशिश नाकाम रही। मंगलवार को बातचीत होने पर बेटे ने परिवार को भरोसा दिलाया कि स्थानीय लोग मदद कर रहे हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है।
उर्मिया में मेडिकल की छात्रा मरियम
त्रिलोकपुरी निवासी हुस्ना खान की बेटी मरियम 12वीं के बाद ईरान के उर्मिया शहर में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। हालात को लेकर मां की चिंता बढ़ी हुई है।
बेटी से संपर्क होने पर वह उसे हिम्मत देती हैं और दुआ करती हैं कि सब कुछ जल्द सामान्य हो जाए। उन्हें भरोसा है कि भारत सरकार जरूरत पड़ने पर छात्रों को सुरक्षित वापस लाएगी।
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तेहरान में फंसे मोहम्मद आसिफ
नाला सोपारा, मुंबई के डॉक्टर अली के बेटे मोहम्मद आसिफ अली डॉक्टर बनने का सपना लेकर तेहरान गए हैं। परीक्षा के कारण वह रमजान में घर नहीं आ सके।
युद्ध की खबर के बाद परिवार बेचैन हो गया। 24 घंटे बाद जब संपर्क हुआ तो राहत मिली। परिवार ने ईरान स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क कर सहायता की गुहार लगाई है।
सरकार पर भरोसा
इन सभी परिवारों का कहना है कि भले ही हालात गंभीर हों, लेकिन उन्हें भारत सरकार पर भरोसा है कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकासी (evacuation) की व्यवस्था की जाएगी।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय परिवार अपने बच्चों की सलामती की दुआ कर रहे हैं और हर पल संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
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