इच्छाशक्ति बनी बदलाव की सबसे बड़ी ताकत

पलामू के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की नई तस्वीर, निजी विद्यालयों को दे रहे कड़ी चुनौती

पलामू (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जिले के कई सरकारी विद्यालय आज शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की मिसाल बनकर उभर रहे हैं। कभी अव्यवस्था और उपेक्षा के शिकार रहे ये स्कूल अब स्वच्छ परिसर, अनुशासित वातावरण और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के चलते निजी विद्यालयों को भी पीछे छोड़ते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि यह परिवर्तन किसी अतिरिक्त बजट या विशेष योजना से नहीं, बल्कि शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की मजबूत इच्छाशक्ति से संभव हुआ है।

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जिले के अनेक विद्यालयों में बिजली, स्वच्छ पेयजल, दिव्यांग अनुकूल रैंप, शौचालय और सुरक्षित भवन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब और आईसीटी आधारित पढ़ाई से बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। कला, खेलकूद और सह-पाठ्य गतिविधियों पर विशेष जोर देकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

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पांकी प्रखंड की पांकी पूर्वी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरैया आज गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा का आदर्श बन चुका है। यहां नामांकित 283 छात्रों में से औसतन 231 विद्यार्थी प्रतिदिन नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं। हरियाली से घिरे सुरक्षित परिसर में अनुशासन के साथ पढ़ाई होती है। डेमो क्लास, कंप्यूटर शिक्षण और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के कारण विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। हाल के वर्षों में कई छात्रों ने नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में भाग लिया है।

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वहीं हरिहरगंज प्रखंड के पिरोजी गांव का नवसृजित प्राथमिक विद्यालय भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्वच्छता, नियमित मॉर्निंग असेंबली और संस्कार आधारित गतिविधियों से यहां पढ़ाई का माहौल सकारात्मक बना है। प्रधानाध्यापक नीरज कुमार पाठक के नेतृत्व में शिक्षक बच्चों को स्नेह और अनुशासन के साथ शिक्षा दे रहे हैं।

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हुसैनाबाद शहर का राजकीयकृत मध्य विद्यालय भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए जाना जाता है। नियमित शिक्षक-अभिभावक संवाद, साप्ताहिक प्रश्नोत्तरी और मॉर्निंग असेंबली में संविधान, करेंट अफेयर्स और सामान्य ज्ञान पर चर्चा से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है। परिणामस्वरूप विद्यार्थी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल कर रहे हैं।

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पांडू प्रखंड मुख्यालय स्थित प्लस टू कल्याण उच्च विद्यालय में लगभग 2600 विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य की दिशा दी जा रही है। 90 प्रतिशत से अधिक वार्षिक परिणाम, आईसीटी लैब, व्यावसायिक शिक्षा, ओपन जिम और गार्डन जैसी सुविधाएं विद्यालय की उपलब्धियों को दर्शाती हैं।

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पलामू के सरकारी स्कूलों में आया यह बदलाव साबित करता है कि यदि नीयत और नेतृत्व मजबूत हो, तो सीमित संसाधनों में भी शिक्षा की तस्वीर बदली जा सकती है।

Editor CP pandey

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