चीन की तरह भारत में भी कोरोना मचाएगा तबाही? ये 3 बातें जो हमारे पक्ष में हैं

नईदिल्ली एजेंसी।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चीन और जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे अन्य देशों में कोविड के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर भारत में स्थिति की समीक्षा बैठक की। चूँकि चीन एकमात्र बड़ा देश है जहाँ मामले सर्वकालिक उच्च स्तर पर हैं, इसलिए ये चर्चा महत्वपूर्ण है कि क्या भारत चीन में कोहराम लाने वाले वायरस के वैरिएंट से महफूज है। कई विश्लेषक दावा कर रहे हैं कि चीन की तुलना में भारत बेहतर संरक्षित है। हालांकि, विश्लेषण यह भी बताता है कि वैक्सीनेशन के मोर्चे पर गतिशील कार्रवाई के बिना यह तथ्य सही नहीं रहेगा। तीन कारण जो इस तर्क को सही ठहराते हैं।

भारत में प्रशासित कोविड-19 टीकों में से 96% या तो ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका द्वारा तैयार कोविशील्ड हैं जो सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया या भारत बायोटेक के कोवाक्सिन द्वारा निर्मित हैं। चीन में दिए जाने वाले अधिकांश टीके कोरोनावैक और सिनोफार्म हैं। कोरोनावैक के खिलाफ ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (जो भारत की खुराक का 80% हिस्सा है) की प्रभावकारिता का परीक्षण किया गया है। ब्राजील में दस लाख लोगों के एक अध्ययन में पाया गया कि दोनों टीकों ने युवा लोगों के बीच समान सुरक्षा प्रदान की, लेकिन वृद्ध लोगों में गंभीर संक्रमण के खिलाफ कोरोनावैक कम प्रभावी था। अध्ययन के अनुसार, ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के 76% की तुलना में, कोरोनावैक ने 79 वर्ष की आयु तक के लोगों के लिए गंभीर बीमारी से 60% तक सुरक्षा की प्रदान की। लेकिन 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में चीन में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला वैक्सीन, कोरोनावैक, गंभीर बीमारी से लोगों की रक्षा करने में केवल 30% प्रभावी था और मृत्यु के खिलाफ 45% प्रभावी था, जबकि ऑक्सफोर्ड वैक्सीन क्रमशः 67% और 85% थी।

बूस्टर में पिछड़ने के बावजूद भारत के पास चीन की लहर से घबराने की वजह नहीं है। चीन के सख्त लॉकडाउन का मतलब है कि देश में कम लोगों को हाल के संक्रमणों से प्राकृतिक प्रतिरक्षा होने की संभावना है। भारत में 45 मिलियन के मुकाबले 20 दिसंबर तक चीन में लगभग 2 मिलियन संचयी कोविड -19 मामले थे। यह 2021 जनसंख्या अनुमानों के अनुसार भारत में 32,819 की तुलना में चीन में प्रति मिलियन 1,348 संक्रमित लोगों का अनुवाद करता है। पैन-इंडिया सीरो-प्रचलन अध्ययनों ने जून-जुलाई 2021 में भी भारत में 62% प्रसार दिखाया। यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना है, क्योंकि भारत में 22% संक्रमण पिछले साल दिसंबर के मध्य से ही भारत में हुआ है, जब तीसरी लहर आई थी। 

देश ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट के साथ लंबे समय से परिचित है। चीन के नए डेटा (9 दिसंबर को पाए गए नमूने) ने BQ.1.1 सब-वैरिएंट के 7% की तुलना में 14% नमूनों में मौजूद ओमिक्रॉन के BF.7 उप-संस्करण को दिखाया। Outbreak.info द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, बाद वाले ने 3 नवंबर के अंतिम डेटा में सभी नमूनों का गठन किया। दूसरी ओर भारत ने पहली बार जुलाई में लिए गए नमूने में BF.7 सब-वैरिएंट का पता लगाया था। भारत में नवीनतम अनुक्रम (नमूने 30 नवंबर से) ने BF.7 की उपस्थिति नहीं दिखाई।

Editor CP pandey

Recent Posts

हिंसक जंगली जानवर ने आंगन में सो रहे युवक को बनाया शिकार, घर के पीछे झाड़ियों में मिला क्षत-विक्षत शव

महबूब नगर गांव में दहशत, ग्रामीणों का वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन; हिंसक जानवर की…

17 hours ago

बहराइच में दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग: ई-रिक्शा से जा रही महिला का मंगलसूत्र छीनकर भागे बाइक सवार बदमाश, CCTV में कैद हुई वारदात

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। मटेरा थाना क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग…

17 hours ago

देवरिया में सनसनी: ओवरब्रिज पर महिला पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला, राहगीरों ने बचाई जान

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया शहर के मालवीय रोड ओवरब्रिज पर सोमवार को उस समय…

3 days ago

अमेरिकी हमले से भड़का ईरान, जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

तेहरान/वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर…

3 days ago

अंकित बालियान हत्याकांड: 5 दिन बाद शामली पुलिस का बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में सुमित और मोहित ढेर

शामली (राष्ट्र की परम्परा)। हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में शामली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई…

3 days ago