Wednesday, February 18, 2026
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आज के दिन इतिहास में क्या-क्या बदल गया?

🕯️ 18 फरवरी का इतिहास: आज के दिन हुए प्रमुख निधन


✍️ 18 फरवरी का इतिहास निधन भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष स्थान रखता है। इस दिन राजनीति, धर्म, संगीत, विज्ञान और सिनेमा से जुड़े कई महान व्यक्तित्वों का निधन हुआ, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। यह लेख 18 फरवरी का इतिहास निधन विषय पर शोध-आधारित, पाठक-अनुकूल और अनुरूप तैयार किया गया है।

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📜 18 फरवरी को हुए प्रमुख निधन (विस्तृत जानकारी)
🏛️ नसीरुद्दीन महमूद (1266)
मामलुक (गुलाम) वंश के आठवें सुल्तान नसीरुद्दीन महमूद को प्रशासनिक सादगी और धार्मिक प्रवृत्ति के लिए जाना जाता है। शासनकाल में वास्तविक सत्ता बलबन के हाथों में रही, लेकिन दिल्ली सल्तनत के स्थायित्व में उनका काल महत्वपूर्ण माना जाता है। 18 फरवरी का इतिहास निधन में उनका नाम प्रमुखता से दर्ज है।
⚔️ क़ुबलई ख़ान (1294)
महान मंगोल शासक क़ुबलई ख़ान ने चीन में युआन वंश की स्थापना की। प्रशासनिक सुधारों, व्यापार और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए प्रसिद्ध यह शासक एशिया के इतिहास में केंद्रीय भूमिका निभाता है। 18 फरवरी का इतिहास निधन वैश्विक इतिहास से भी जुड़ता है।

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🐎 तैमूर लंग (1405)
मध्य एशिया का शक्तिशाली विजेता तैमूर लंग अपनी सैन्य रणनीतियों और साम्राज्य विस्तार के लिए जाना जाता है। भारत, फारस और मध्य एशिया में उसके अभियानों का दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा।
✝️ मार्टिन लूथर (1546)
जर्मन धर्मसुधारक मार्टिन लूथर ने प्रोटेस्टेंट आंदोलन की नींव रखी। चर्च सुधारों, बाइबिल अनुवाद और धार्मिक स्वतंत्रता की अवधारणा में उनका योगदान ऐतिहासिक है। 18 फरवरी का इतिहास निधन धार्मिक इतिहास में भी मील का पत्थर है।
🔭 अनिल कुमार दास (1961)
प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक और खगोलशास्त्री अनिल कुमार दास, कोडाइकनाल वेधशाला के निदेशक रहे। सौर अध्ययन और खगोलीय अनुसंधान में उनका योगदान भारतीय विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है।
🎬 एंडी डिवाइन (1977)
हॉलीवुड अभिनेता एंडी डिवाइन अपनी हास्य भूमिकाओं और विशिष्ट आवाज़ के लिए पहचाने जाते थे। क्लासिक अमेरिकी सिनेमा में उनका योगदान आज भी याद किया जाता है।
🎶 अब्दुल राशिद ख़ान (2016)
पद्म भूषण से सम्मानित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक अब्दुल राशिद ख़ान ने संगीत जगत को नई ऊँचाइयाँ दीं। उनकी गायकी परंपरा और शास्त्रीय अनुशासन का अनुपम उदाहरण है। 18 फरवरी का इतिहास निधन भारतीय संगीत के लिए भावुक स्मृति है।
📌 निष्कर्ष
18 फरवरी का इतिहास निधन हमें उन महान व्यक्तित्वों की याद दिलाता है, जिनकी विरासत आज भी समाज को दिशा देती है। इतिहास को समझना भविष्य को बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है।
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