बलिया ( राष्ट्र की परम्परा)। पांडेयपुर(ताखा) में अंतरजनपदीय कुश्ती दंगल का आयोजन शुक्रवार को संपन्न हुआ आयोजित दंगल में कुल तीस छोटी बड़ी कुश्तियां हूई जिसमे बड़ी कुश्तियां बराबर पर ही छूटी।कुश्ती दंगल को देखने के लिए हजारो की भीड़ लगी रही। पांडेयपुर ताखा मे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विराट दंगल का आयोजन हुआ जिसमे नामी गिरामी पहलवान भाग लिए व कुश्ती कला का परचम लहराये।अश्वनी पहलवान,प्रमोद पहलवान,मृत्युंजय पहलवान की कुश्ती जोरदार होते हुए भी बराबर रही तो वाराणसी के अशोक व बलिया के प्रदूयुमन की कुश्ती भी जबरदस्त रही।
महिला पहलवान बलिया की सुरभि ने आजमगढ़ की रंजना को पटकनी देकर खूब वाहवाही बटोरी। सबसे रोचक कुश्ती जिला बलिया केशरी अभिषेक पान्डेय व राहूल पहलवान वाराणसी के बीच हूई जो काफी देर होने के बाद भी बराबरी पर छूटी।इस कुश्ती को लेकर आये दर्शको मे गजब का उत्साह दिखा।अधिकांश कुश्ती बराबर रही पर लोग कुश्ती कला का अभिनय देख खुब लुफ्त उठाये।इससे पहले हाथी, घोड़ो व ऊंटो से सुसज्जित जुलुस देवी देवताओं का जयकारा लगाते हुए पाण्डेयपुर ताखा अखाड़ा पर पहुंचा जहां पर दंगल निर्णायक मंडल के सहमति पर शुरू हुआ।दंगल के मुख्य अतिथि पशु चिकित्साधिकारी डॉ0संजय सिंह रहे।दर्शक दीर्घा में सुरेन्द्र यादव,वसीम पहलवान,पवन यादव,विपीन राजभर ,सतेन्द्र राय,मोहन यादव,समेत दर्जनों क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।कुश्ती दंगल के आयोजक श्रीपति पहलवान व उमेश यादव ने अतिथियों को साफा बांधकर सम्मानित किया।रेफरी का कार्य प्रभुनाथ पहलवान व बबलू पहलवान ने किया।दंगल का संचानल हरबंश पहलवान व रमेश पहलवान ने किया।
इनसेट- प्रतिवर्ष दशहरा पर यह दंगल चालीस वर्षो से आयोजित होता है।मेला भी लगता है। दंगल मे बंजुर्ग पहलवानो को सम्मानित किया जाता है। हाथी घोड़ा व ऊंटो से सुसज्जित जुलूस भ्रमण करता हूआ अखाड़े पर पहूंचता है।
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